Galwan Valley में LAC के पास तनाव में कोई कमी नहीं आई LAC पर सैन्य बलों की संख्या बढ़ाई गई, जवानों की छुट्टियां रद्द
अनुराग मिश्रा
नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख ( Ladhakh ) के एक गलवान घाटी ( Galwan Valley ) में वास्तविक नियंत्रण रेखा ( LAC ) के पास तनाव में कोई कमी नहीं आई है। बढ़ते तनाव के मद्देनजऱ रविवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ( Defence Minister Rajnath singh ) ने चीफ़ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ बिपिन रावत ( CDS Bipin Rawat ) थल सेनाध्यक्ष MM नरवणे ( Chief of Army Staff MM Narwane
) वायुसेना अध्यक्ष आर के एस भदौरिया ( Air Force Chief RKS Bhadauria ) और नेवी चीफ़ एडमिरल करमबीर सिंह ( Navy Chief Admiral Karambir Singh ) के साथ अहम बैठक की। रक्षा मंत्री और सेना प्रमुखों की इस बैठक में निर्णय किया है कि दुश्मन की साज़िश का जवाब देने के लिए गोली चलाने से भी परहेज़ न किया जाए। ख़ासतौर पर चीन की तरफ़ से अगर कोई नापाक़ हरकत की जाती है तो उसको उसी की भाषा में जवाब दिया जाए।
रविवार सुबह साढ़े 11 बजे शुरू हुई ये उच्च स्तरीय बैठक लगभग साढ़े तीन घंटे चली। इसके पहले शनिवार को भी चीफ़ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ और सेनाध्यक्ष एमएम नरवाड़े की राजनाथ सिंह के साथ बैठक हुई थी। बैठक में लद्दाख को लेकर हालात की समीक्षा की गई थी बैठक के बाद सेना के अलग अलग ब्रह्मांड के अफ़साना ने सभी यूनिट्स को अलर्ट किया था चीन के साथ लगी भारत की सीमा पर तनाव का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अचानक सेना की सभी यूनिट्स के जवानों की छुट्टियां रद्द कर दी गई है। छुट्टी पर गए जवानों को 48 घंटे के अंदर अपने बटालियन कमांडर को रिपोर्ट करना है।
चीन की चालबाज़ी को लेकर अब भारत बेहद सतर्क है। 3500 किलोमीटर लंबी भारत की चीन से सटी सीमा पर सरकार को बहुत सारे इंटेलिजेंस इंपोर्ट भी मिल रहे हैं। इन गोपनीय जानकारियों के आधार पर भारतीय सेना ने सीमा पार अपनी चौकसी बढ़ा दी है। तीनों सेनाओं को हाई अलर्ट पर रखा गया है। चीनी नौसेना को कड़ा संदेश भेजने के लिए हिंद महासागर क्षेत्र में नौसेना भी अपनी तैनाती बढ़ा रही है। सेना ने पहले ही अरुणाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख में एलएसी के साथ अपने सभी प्रमुख फ्रंट-लाइन ठिकानों पर अतिरिक्त जवानों को तैनात करना शुरू कर दिया है। वहीं वायुसेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया ने लेह और श्रीनगर इलाक़े में एयरफोर्स की तैयारियों का जायज़ा लेने के लिए शुक्रवार को इलाक़े का दौरा किया था।
रविवार की बैठक में एयर चीफ़ मार्शल ने राजनाथ सिंह को इलाक़े में वायु सेना की तैयारियों को लेकर जानकारी दी। एयर फ़ोर्स ने इस पूरे इलाक़े में सुखोई-30 एमकेआई, मिराज 2000 तैनात किए। जगुआर फाइटर एयरक्राफ्ट को भी फॉरवर्ड बेस पर भेजा है। सेना की मदद के लिए अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर भी इस इलाक़े में तैनात किए गए हैं। जिससे संघर्ष की स्थिति में भारतीय सैनिकों के लिए बतौर बैकअप इस्तेमाल किया जा सके।
युद्ध की स्थिति में सैनिकों को नी लियाने ले जाने के लिए चिनूक हेलिकॉप्टरों की तैनाती लेह एयरबेस कर दी गई। मीडियम लिफ्ट हेलिकॉप्टर रूद्ब-17ङ्क5 कोर्स सामानों को ले आने ले जाने के लिए पहले ही तैनात कर दिया गया है।