
नई दिल्ली। लद्दाख की गलवान घाटी ( Galwan Valley ) में भारत और चीनी सैनिकों ( India-China Army ) के बीच जारी गतिरोध के बीच, केंद्र ने सोमवार को चीन-भारतीय सीमा ( India-China Border ) पर चल रही सड़क परियोजनाओं ( Road projects ) की समीक्षा की और उनमें से 32 पर काम तेज करने का फैसला किया। गृह मंत्रालय ( MHA ) द्वारा बुलाई गई एक उच्च-स्तरीय बैठक ( High level meeting ) में प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम करने का निर्णय लिया। बैठक में केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD), सीमा सड़क संगठन (BRO) और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) ने भाग लिया।
उच्च स्तरीय में बैठक में निर्णय लिया गया कि "चीन के साथ सीमा पर 32 सड़क परियोजनाओं पर काम किया जाएगा और संबंधित सभी एजेंसियां परियोजनाओं को फास्ट ट्रैक करने के लिए सहयोग करेंगी।" आपको बता दें कि चीन-भारतीय सीमा के साथ कुल 73 सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें से, सीपीडब्ल्यूडी 12 और बीआरओ पर 61 सड़कों पर काम कर रहा है। इसकी निगरानी खुद केंद्रीय गृह मंत्रालय कर रहा है। गृह मंत्रालय सभी सीमावर्ती बुनियादी ढांचे से संबंधित परियोजनाओं के लिए नोडल प्राधिकरण के रूप में काम कर रहा है।
आपको बता दें कि 15 जून की रात को आज ही के दिन गलवान घाटी में भारत और चीनी सैनिकों में खूनी संघर्ष हो गया था। इस संघर्ष में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे, जबकि कई सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हालांकि चीन को भी लगभग इतना ही नुकसान उठाना पड़ा है। आपको बता दें कि चीन एलएसी के पास भारतीय सीमा में बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन ( BRO ) की ओर किए जा रहे सड़क् निर्माण कार्य से चिढ़ा हुई है। LAC के पास बन रही ये सड़कें सामरिक रूप से भारत को अधिक शक्तिशाली बनाती हैं, क्योंकि इससे भारत की चीन तक सीधी पहुंच बनती हैै ।