
नई दिल्ली। नए नागरिकता अधिनियम के विरुद्ध हिंसा की लपटें शनिवार को अब पश्चिम बंगाल के अन्य भागों में फैल गई हैं। यहां प्रदर्शनकारियों ने बसों को जला दिया, रेलवे संपत्ति को क्षति पहुंचाई और सड़क व रेल मार्ग अवरुद्ध कर दिया, जिससे रेल और यातायात सेवाएं काफी प्रभावित हुए।
मुर्शिदाबाद जिले में, पूर्वी रेलवे के तहत आने वाले बेलडांगा स्टेशन पर रखी रेलवे की संपत्ति को प्रदर्शनकारियों ने फूंक दी। इसके अलावा एक फायर ब्रिगेड के इंजन को क्षतिग्रस्त कर जला दिया गया। घटना की सूचना मिलने के बाद जब पुलिस वहां पहुंची, प्रदर्शनकारियों ने उनपर पथराव किया।
वहीं, शुक्रवार को यहीं पर नागरिकता संशोधन अधिनियम और प्रस्तावित राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर के विरोध में पोस्टर लेकर प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों ने रेलवे स्टेशन को क्षतिग्रस्त कर दिया था। स्टेशन मास्टर के केबिन में आग लगा दी थी। इसके अलावा टिकट काउंटर को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया।
इसी जिले के सुती में शनिवार सुबह तीन सरकारी बसों में तोड़-फोड़ की गई और इनमें से एक बस को प्रदर्शनकारियों ने आग के हवाले कर दिया। इससे पहले प्रदर्शनकारियों ने यात्रियों को जबरन बस से उतार दिया। सीएए और एनआरसी के विरुद्ध नारे लगाने वाले प्रदर्शनकारियों के एक बड़े समूह ने बसुदेवपुर हॉल्ट स्टेशन में तोड़-फोड़ की।
प्रदर्शनकारियों ने मुर्शिदाबाद जिले के फरक्का, जंगीपुर और पोरडांगा और हावड़ा जिले के बाउरिया और नालपुर में रेलवे ट्रैक पर बैठ कर रेल सेवा में व्यवधान उत्पन्न किया। रेलवे सूत्रों ने कहा, लालगोला और पालाशी स्टेशनों के बीच रेल सेवा प्रभावित हुई है।
हावड़ा जिले के कोना एक्सप्रेसवे में छह बसों को जला दिया गया। दक्षिणपूर्वी रेलवे के अधीन संकरैल स्टेशन को आग के हवाले कर दिया गया। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने रेलवे ट्रेक को जाम कर दिया और चंपाताला क्रांसिग के पास टायरों में आग लगाकर सड़क मार्ग अवरुद्ध कर दिया।
इन सब व्यवधानों की वजह से दक्षिण पूर्वी रेलवे के हावड़ा-खड़गपुर सेक्शन में ट्रेनों का परिचालन ठप्प हो गया है। लंबी दूरी की अधिकतर ट्रेनों को या तो रद्द कर दिया गया है या कई स्टेशनों पर खड़ी है। कंकरा-मिर्जानगर स्टेशन के पास रेलवे ट्रेक अवरुद्ध करने की वजह से पूर्वी रेलवे के तहत आने वाले सियालदह हसनाबाद की उपनगरीय ट्रेन सेवा भी बाधित हो गई है।