दिल्ली में कोरोना वायरस ( Coronavirus in Delhi ) के संक्रमण की रोकथाम के लिए कोविड रिस्पांस प्लान ( Covid Response Plan ) तैयार किया गया केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ( Home Minister Amit Shah) के निर्देश पर यह रिस्पांस प्लान दिल्ली में कंटेनमेंट जोन ( Containment Zone in Delhi ) के सर्वे का काम करेगा
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस (Coronavirus in Delhi ) के तेजी से फैलते संक्रमण ( coronavirus s Infection ) की रोकथाम के लिए कोविड रिस्पांस प्लान ( Covid Response Plan ) तैयार किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ( home minister amit shah ) के निर्देश पर तैयार यह रिस्पांस प्लान दिल्ली में कंटेनमेंट जोन ( Containment Zone in Delhi ) के हर एक घर के सर्वे का काम करेगा। स्वास्थ्य मंत्रालय (Ministry of Health ) और सांख्यिकी मंत्रालय ( Ministry of Statistics ) के उच्च अधिकारियों की मौजूदगी में समीक्षा के बाद कहा गया कि योजना के अनुसार दिल्ली में 30 जून तक डोर—टू—डोर सर्वे ( Door-to-door survey ) का काम पूरा कर लिया जाएगा।
कोविड रस्पांस प्लान के माध्यम से पूरी दिल्ली में जिलेवार कोरोना वायरस संक्रमण के स्तर का आकलन किया जाएगा। इस काम को अंजाम देने के लिए एक विशेष टीम का गठन भी किया गया है। प्लान के तहत राजधानी में आज यानी शुक्रवार से सेरोलॉजिकल सर्वे भी शुरू कर दिया गया है। जिसके लिए टीम के सदस्यों को प्रशिक्षण दिया गया है। सेरोलॉजिकल सर्वे में ब्लड टेस्ट के आधार पर पूरा होगा। पायलट प्लान के तहत 20,000 लोगों पर सैंपल सेरोलॉजिकल सर्वे होगा। इसके साथ ही जनता को आरोग्य सेतु व अन्य आधुनिक ऐप के सही इस्तेमाल की जानकारी देने के लिए भी स्टाफ को ट्रेनिंग दी गई है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर तैयार कोविड रिस्पांस प्लान दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण सर्वे और कंटेनमेंट जोन के पुनर्गठन में काफी मददगार साबित होगा।
वहीं, दिल्ली में कोरोना पॉजिटिव रोगियों को क्वारंटीन सेंटर जाकर जांच कराने का आदेश रद्द कर दिया गया है। गुरुवार शाम दिल्ली के उपराज्यपाल की अध्यक्षता में हुई दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
दिल्ली सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उपराज्यपाल से यह नियम रद्द करने की मांग की थी। उपराज्यपाल अनिल बैजल द्वारा गुरुवार को जारी आदेश में क्वारंटीन सेंटर जाकर जांच करवाने के अनिवार्य नियम को वापस ले लिया गया है।