
नई दिल्ली। पूरी दुनिया इन दिनों कोरोना महामारी ( coronavirus ) से जूझ रही है। भारत में भी इस वायरस का तांडव जारी है। आलम ये है कि पाबंदियों और लॉकडाउन के बावजूद देश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। इसी कड़ी में इस खतरनाक वायरस को लेकर एक और बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोरोना वायरस से जो लोग ठीक हो चुके हैं उनमें 10 में से 9 लोगों में बड़ी समस्या देखने को मिल रही है। दक्षिण कोरिया ने ताजा स्टडी में कहा है कि जो लोग इस महामारी से ठीक हो चुके हैं, उनमें थकान, गंध, स्वाद महसूस न होने जैसी समस्या देखने को मिल रही है।
COVID-19 से ठीक होने के बाद कई शिकायतें
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दक्षिण कोरिया के एक अध्ययन में कहा गया है कि कोरोना महामारी से ठीक होने के बाद भी 10 में से 9 लोगों में थकान, गंध, स्वाद महसूस न करने, मनोवैज्ञानिक परिणाम जैसे साइड इफेक्ट देखने को मिल रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोना वायरस से ठीक हो चुके 965 लोगों से ऑनलाइन सर्वेक्षण किया गया है। इनमें 879 लोगों का कहना है कि वह इनमें से किसी न किसी एक साइड इफेक्ट से पीड़ित हैं। केडीसीए के अधिकारी Kwon Jun wook ने कहा कि तकरीबन 26.2 प्रतिशत लोगों ने थकान की शिकायत की है। वहीं, 24.6 प्रतिशत लोगों का कहना है कि इस महामारी से ठीक होने के बाद भी वह किसी भी चीज पर अपना ध्यान एकाग्र नहीं कर पा रहे हैं। जबकि, कुछ लोग ने स्वाद और गंध की शिकायत भी की है। Kwon Jun wook ने बताया कि किम शिन-वू क्यूंगपुक नेशनल यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के आंतरिक चिकित्सा के प्रोफेसर ने 5,762 मरीजों से इस पर राय मांगी थी, जिसमें 16.7 प्रतिशतत लोगों ने हिस्सा लिया था।
लगातार बढ़ रहे हैं कोरोना के मामले
Kwon Jun wook का कहना है कि यह सर्वेक्षण ऑनलाइन किया गया था। शोधकर्ता जल्द ही इस पर विस्तार से विश्लेषण करेंगे। यहां आपको बता दें कि दक्षिण कोरिया में अब तक 23, 699 लोग कोरोना से ग्रसित हो चुके हैं। वहीं, इस महामारी से 407 लोगों की मौत हो चुकी है। बात अगर भारत की करें तो यहां भी यह वायरस काफी तेजी से फैलता जा रहा है। हर दिन औसतन 80 हजार से ज्यादा कोरोना के नये मामले सामने आ रहे हैं। भारत में अब तक 61,28,266 लोग इस वायरस से ग्रसित हो चुके हैं। इनमें 9,40,441 एक्टिव केस हैं। वहीं, 51,87,825 लोग इस महामारी से ठीक हो चुके हैं। जबकि, कोविड-19 से 97,497 लोगों की मौत हो चुकी है। इस महामारी की चेन को तोड़ने और रोकथाम के लिए पूरी दुनिया में लड़ाई जारी है। लेकिन, अब तक कामयाबी नहीं मिल पाई है।