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CWC Meeting: राहुल गांधी के बयान पर कांग्रेस में उठे बगावती सुर, कई वरिष्ठ नेता दे सकते हैं इस्तीफा!

Congress Working Comittee Meeting में Rahul Gandhi के बयान से मचा बवाल 23 नेताओं की ओर से लिखे खत की टाइमिंग पर राहुल उठाया सवाल तो भड़के आजाद और सिब्बल Gulam Nabi Azad ने कहा- आरोप साबित होने पर पार्टी से सभी पदों से दे देंगे इस्तीफा

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कांग्रेस में बगावत !

नई दिल्ली। कांग्रेस ( Congress ) के शीर्ष नेतृत्व को लेकर शुरू हुआ घमासान अब बगावत में बदलता नजर आ रहा है। कांग्रेस वर्किंग कमेटी ( CWC Meeting ) की बैठक में 23 नेताओं की ओर से लिखी गी चिट्ठी पर राहुल गांधी ( Rahul Gandhi )के बयान ने बवाल खड़ा कर दिया। वरिष्ठ नेताओं ने राहुल के इस बयान के बाद बगावती सुर उठने लगे। दरअसल कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इन चिट्ठी के लिखे जाने की टाइमिंग पर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने कहा कि ये खत पार्टी मीटिंग में दिए जाने की बजाय इन्हें मीडिया में जारी कर दिया गया।

राहुल गांधी ने यहां तक कह डाला कि पत्र लिखने वाले 23 नेता बीजेपी ( BJP ) के साथ मिले हुए। इस पर कपिल सिब्बल ( Kapil Sibal ), गुलाम नबी आजाद ( Gulam Nabi Aazad ) जैसे दिग्गज नेताओं का गुस्सा फूट पड़ा और कांग्रेस से इस्तीफा देने की पेशकश भी कर डाली।

वर्किंग कमेटी की बैठक में अपने संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि 23 नेताओं ने पत्र जारी करने का ऐसा वक्त क्यों चुना गया जब पार्टी मध्य प्रदेश और राजस्थान में लड़ाई लड़ रही थी। साथ ही सोनिया गांधी बीमार थीं, ऐसे वक्त पर ही चिट्ठी क्यों लिखी गई।

उन्होंने इसके लिए 23 नेताओं पर बीजेपी के साथ काम करने का आरोप लगाया। बैठक में राहुल गांधी ने कहा कि जिस तरह से चिट्ठी को लीक किया गया, उससे उन्हें काफी ठेस पहुंची है। सिर्फ राहुल ही नहीं बल्कि कैप्टन अमरिंदर सिंह समेत अन्य कुछ नेताओं ने भी नेताओं द्वारा लिखी चिट्ठी की टाइमिंग पर सवाल किया।
बस राहुल गांधी के इस बयान ने वर्किंग कमेटी में एक नया बवाल खड़ा कर दिया और कई दिग्गज नेताओं ने इस को लेकर विरोध जताना शुरू कर दिया।

कपिल सिब्बल ने कहा- राहुल गांधी कहते हैं, "हम भाजपा के साथ मिलकर काम कर रहे हैं"। राजस्थान उच्च न्यायालय में कांग्रेस पार्टी का बचाव किया। भाजपा सरकार को नीचे लाने के लिए मणिपुर में पार्टी का बचाव। पिछले 30 सालों ने कभी भी किसी मुद्दे पर बीजेपी के पक्ष में बयान नहीं दिया। फिर भी "हम भाजपा से टकरा रहे हैं"!

वहीं गुलाम नबी आजाद ने कहा कि- बीजेपी के साथ मिले होने की बात अगर कोई साबित कर दे तो मैं कांग्रेस पार्टी के सभी पदों से इस्तीफ़ा दे दूंगा।

आपको बता दें कि CWC की बैठक से एक दिन पहले रविवार को पार्टी में उस वक्त नया सियासी तूफान आ गया जब वर्किंग कमेटी की बैठक से पहले ही गुलाम नबी आजाद समेत कुल 23 नेताओं ने चिट्ठी लिखकर पार्टी के नेतृत्व में बदलाव की मांग की थी और एक पूर्णकालिक अध्यक्ष बनाने को कहा था।

Updated on:
24 Aug 2020 09:16 pm
Published on:
24 Aug 2020 01:37 pm
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