
नई दिल्ली। महाराष्ट्र ( Maharashtra) से टकराने और राज्य में चार लोगों की जान लेने के 18 घंटे बाद चक्रवात निसर्ग ( Cyclone Nisarga ) पूर्व में विदर्भ क्षेत्र की ओर चला गया। अधिकारियों ने गुरुवार इस बात की जानकारी दी।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ( IMD ) ने अपने नवीनतम बुलेटिन में कहा कि पूर्व में उत्तर-पूर्व की ओर जाने और एक अच्छी तरह से चिह्न्ति निम्न दबाव क्षेत्र ( Low pressure area) में कमजोर होकर, वह विदर्भ क्षेत्र ( Vidarbha Region) की ओर चला गया।
वहीं, राज्य के ठाने ( Thane ) में पिछले 24 घंटे के भीतर 27.62 मिमी बारिश दर्ज की गई। जबकि यहां कुल बारिश अब 56.55 मीटर हुई है।
इसके साथ ही यहां बारिश और तेज हवाओं के चलते पेड़ टूटने और उखड़ने की घटनाएं भी सबसे अधिक देखी गईं हैं।
महाराष्ट्र में चक्रवात निसर्ग के प्रभाव के कारण, ठाणे में गुरुवार को पेड़ उखाड़ने की दो बड़ी घटनाएं हुईं। पहली घटना में, ठाणे में एक घर की छत पर एक पेड़ गिर गया और दूसरी घटना में, एक कार को नुकसान पहुंचा। '
हालांकि इस दौरान किसी को कोई चोट नहीं आई। आरडीएमसी, ठाणे के एक अधिकारी के अनुसार “पिछले 24 घंटों के बाद, 70 से अधिक पेड़ गिर गए हैं और 20 से अधिक पेड़ों की शाखाएं गिर गई हैं।
हालांकि, क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन सेल (आरडीएमसी) में पेड़ गिरने की संबंध में 11 गंभीर शिकायतें दर्ज की गईं।
“गुरुवार की सुबह फ्लावर वैली सोसाइटी में एक पेड़ गिरने के बाद एक कार क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि ठाणे के जंबाली नाका बाजार में एक पेड़ गिरने के कारण घर की छत बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
हालांकि, इन घटनाओं में से किसी में भी कोई चोट या हताहत की सूचना नहीं मिली। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, सुबह से ठाणे को जोड़ने वाले मुख्य मार्गों पर कोई भी बड़ा ट्रैफिक स्नैरल नज़र नहीं आया।
हालांकि, एक पेड़ गिरने की घटना के बाद गोखले मार्ग के पास यातायात जाम देखा गया, जिसे बाद में हटा दिया गया।