
नई दिल्ली। असम समेत पांच राज्यों के चुनाव प्रचार के दौरान बिना मास्क के दिखे लोगों को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ( Delhi High Court ) ने बड़ा कदम उठाया है। उच्च अदालत ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग ( Elections Commission ) को नोटिस भेजा है।
कोर्ट ने चुनाव प्रचार के दौरान भी मास्क ( Face Mask ) की अनिवार्यता को लेकर जवाब मांगा है। अदालत ने पूछा है कि आखिर चुनाव प्रचार के दौरान लोग बिना मास्क के क्यों दिख रहे हैं। हाईकोर्ट ने एक याचिका की सुनवाई में चुनाव आयोग से जवाब मांगा है।
ये है मामला
दिल्ली हाईकोर्ट में पांच राज्यों में जारी चुनावों के दौरान किए जा रहे प्रचार में शामिल हर व्यक्ति के लिए मास्क के इस्तेमाल अनिवार्य करने को लेकर एक याचिका दाखिल की गई थी।
इसी याचिका पर गुरुवार को हाईकोर्ट ने सुनवाई की। सुनवाई को दौरान अदालत ने केंद्र और चुनाव आयोग से जवाब तलब किया है।
ये थी याचिका में मांग
हाईकोर्ट में दाखिल की गई याचिका में जो मांग की गई थी वो थी चुनाव आयोग को अपनी वेबसाइट, मोबाइल ऐप्स, अन्य प्लेटफॉर्म्स और सामग्री पर चुनाव के दौरान कोरोना प्रोटोकॉल के बारे में जानकारी देनी चाहिए।
इसके अलावा चुनाव आयोग को डिजिटल, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिए चुनाव में कोविड-19 प्रोटोकॉल के बारे में जागरूकता फैलाने का आदेश देने की भी मांग की गई है।
ये याचिका थिंक टैंक सेंटर फॉर अकाउंटेबिलिटी ऐंड सिस्टेमेटिक चेंज के चेयरमैन विक्रम सिंह की ओर से दायर की गई थी।
विक्रम सिंह की याचिका पर मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने सुनवाई की और केंद्र के साथ-साथ चुनाव आयोग से भी जवाब मांगा है।
खास बात यह है कि इस मामले में कोर्ट ने अगली सुनवाई 30 अप्रैल को तय की है। इस दौरान विक्रम सिंह की मुख्य याचिका पर भी सुनवाई की जाएगी।
आपको बता दें कि असम विधानसभा चुनाव ( Assam Assembly Elections 2021 ) के अलावा पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव ( West Bengal Assembly Elections 2021 )तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल में भी चुनाव हो रहा है।
इनमें से चार राज्यों में मतदान पूरा हो चुका है, जबकि पश्चिम बंगाल में 10 अप्रैल को चौथे चरण की वोटिंग होनी है। इसके अलावा चार अन्य चरणों का वोटिंग भी होना बाकी है।
विक्रम सिंह ने अपनी अर्जी में मांग की थी कि कोरोना के तमाम नियमों को ताक पर रखते हुए चुनाव प्रचार का काम जोरों पर है। ऐसे में अदालत से अनुरोध है कि हर शख्स के लिए मास्क अनिवार्य किया जाए।
आम लोगों और नेताओं में अंतर
अपनी याचिका में विक्रम सिंह ने आम लोगों के खिलाफ गाइडलाइंस को सख्ती से लागू करने और राजनेताओं को छूट दी जाने का मुद्दा भी उठाया।
सिंह ने अर्जी में कहा था कि आम लोगों और नेताओं के बीच यह अंतर करना संविधान के अनुच्छेद 14 की भावना के विरुद्ध है।