देश के Former President Pranab Mukherjee का लंबी बीमारी के चलते सोमवार का इलाज के दौरान निधन हो गया President Ramnath Kovind और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश की जानमानी हस्तियों ने दुख जताया है
नई दिल्ली। देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ( Former President Pranab Mukherjee ) का लंबी बीमारी के चलते सोमवार का इलाज के दौरान निधन हो गया। वह 84 साल के थे। उनके निधन पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ( President Ramnath Kovind ) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Narendra Modi ) समेत देश की जानमानी हस्तियों ने दुख जताया है। वहीं, प्रणब दा के जाने के बाद उनसे जुड़े कई रोचक किस्से कहानियां सोशल मीडिया ( Social Media ) पर चल निकले हैं। ऐसा ही एक वाकया उस समय का है जब प्रणब दा ने नागपुर में RSS के एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया था।
इस दौरान प्रणब मुखर्जी ने अपने भाषण से पहले डॉ हेडगेवार के निवास का दौरा किया। सबसे अधिक चौंकाने वाली बात यह रही कि जब प्रणब न यहां विज़िटर बुक में लिखा, 'मैं आज यहां भारत मां के महान सपूत डॉ के बी हेडगेवार को श्रद्धांजलि देने आया हूं।' प्रणब मुखर्जी ने जैसे ही यह मैसेज लिखा, विजिटर बुक के पन्ने सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। यही सोशल मीडिया पर प्रणब मुखर्जी का भाषणा भी खुब चर्चित हुआ। आपको बता दें कि डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार वो शख्स थे, जिन्होंने आरएसएस खड़ा किया।
वहीं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने भी पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन पर शोक जताया है।
आरएसएस ने उन्हें अपना मार्गदर्शक बताते हुए निधन को संगठन के लिए अपूरणीय क्षति बताया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत और सरकार्यवाह सुरेश भय्याजी जोशी के हवाले से जारी बयान में कहा गया है कि मुखर्जी का जाना संघ के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
संघ ने कहा, कुशल प्रशासक, राष्ट्र-हित सर्वोपरि का भाव जीवन में रख, राजनैतिक अस्पृश्यता से परे व सभी दलों में समान रूप से सम्मानित, मितभाषी, लोकप्रिय पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी आज अपनी जीवन यात्रा पूर्ण कर परम तत्व में विलीन हो गए।