विविध भारत

26 जनवरी वाली घटना से पुलिस ने लिया सबक, इस बार किसानों को रोकने के लिए किए ये खास इंतजाम

कृषि कानूनों के विरोध में गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों को आंदोलन तेज होता जा रहा है किसानों ने कृषि कानूनों के खिलाफ 6 जनवरी को देश भर में बंद करने की चेतावनी दी है

2 min read
26 जनवरी वाली घटना से पुलिस ने लिया सबक, इस बार किसानों को रोकने के किए ये खास इंतजाम
26 जनवरी वाली घटना से पुलिस ने लिया सबक, इस बार किसानों को रोकने के किए ये खास इंतजाम

नई दिल्ली। कृषि कानूनों के विरोध में ( Protest Against Agriculture Laws ) गाजीपुर बॉर्डर ( Ghazipur Border ) पर किसानों को आंदोलन तेज होता जा रहा है। यहां तक कि राजनीतिक दलों ने भी अब किसान आंदोलन ( Farmer Protest ) को अपना समर्थन देने के ऐलान किया है। इस बीच आंदोलनकारी किसानों ने कृषि कानूनों ( New Farm Laws ) के खिलाफ 6 जनवरी को देश भर में बंद करने की चेतावनी दी है। किसानों की इस चेतावनी के बाद केंद्र सरकार अलर्ट मोड़ में आ गई है। यही वजह है कि सरकार और पुलिस ( Delhi Police ) इस बार ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई गलती को दोहराना नहीं चाहती। जिसको लेकर गाजीपुर बॉर्डर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है।

किसानों को रोकने के हर संभव प्रयास में जुटी पुलिस

पुलिस किसानों को रोकने के हर संभव प्रयास में जुटी है। किसानों को रोकने में जुटी पुलिस ने हाइवे पर दो कंक्रीट बैरियर के बीच के खाली स्थान को सीमेंट से फिक्स कर दिया है। इसके साथ ही मार्गों को कंटीले तारों से बंद कर दिया गया है। इसके अलावा किसानों के ट्रैक्टर आदि को रोकने के लिए सड़कों पर लोहे की कीलें लगाई गई हैं। बैरियर्स को भी कंटीले तारों से बांध दिया गया है। पुलिस की ओर से किसानों को रोकने के इंतजाम इस कदर मजबूत कर दिए गए हैं कि हाइवे के नीचे वाली लिंक रोड के जंगल वाले रास्तों पर भी कंटीले तार लगा दिए गए हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से जुडऩे वाले नोएडा और गाजियाबाद की ओर से प्रदर्शन वाली जगह को जाने वाले रास्तों पर पुलिस और आरएएफ कैंप कर रही हैं।

संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले बैठक

यहां पर पहरेदारी इतनी जबरदस्त है कि पुलिस, मीडिया और आपातकालीन सेवाओं वाले वाहनों को भी जाने की अनुमति नहीं है। आपको बता दें कि किसान आंदोलन की आगे की रणनीति तय करने के लिए किसान नेताओं ने कल यानी सोमवार को संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले एक बैठक की। इस बैठक मेें तय हुआ कि पुलिस प्रशासन के द्वारा किए जा रहे किसानों के उत्पीडऩ को अगर नहीं रोका गया तो सरकार के साथ कोई बातचीत नहीं की जाएगी।

Updated on:
02 Feb 2021 05:08 pm
Published on:
02 Feb 2021 04:36 pm