नए कृषि कानूनों को लेकर केंद्र और किसानों के बीच गतिरोध बढ़ता जा रहा है स्वास्थ्य मंत्रालय ने किसानों को कोरोना वायरस से सावधानी बरतने को कहा
नई दिल्ली। नए कृषि कानूनों ( New Farm Laws ) को लेकर केंद्र और किसानों के बीच गतिरोध ( Deadlock between center and farmers ) बढ़ता जा रहा है। एक दिवसीय भूख हड़ताल ( hunger Strike ) के बाद अब किसानों ने दिल्ली में( Farmer Protest in Delhi ) प्रवेश के रास्तों को ब्लॉक करने की चेतावनी दी है। इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ( Union Ministry of Health ) ने किसानों को कोरोना वायरस ( coronavirus ) से सावधानी बरतने को कहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय मंगलवार को कहा कि किसानों का विरोध-प्रदर्शन निश्चित ही लोकतांत्रिक प्रक्रिया के हिस्से के रूप में आगे बढ़ना चाहिए, लेकिन लोगों को साथ ही कोरोना से सावधानी बरतनी चाहिए और उचित व्यवहार का पालन करना चाहिए।
आपको बता दें कि कृषि कानूनों के विरोध में किसान पिछले 20 दिनों से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में अपना डेरा डाले हुए हैं। लाखों की संख्या में पहुंचे किसान अपनी नाराजगी दिखाने के लिए राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न बॉर्डर प्वाइंट पर प्रदर्शन कर रहे हैं। इन विरोध स्थलों पर कोरोना वायरस संक्रमण की संभावनाओं के बारे में पूछे जाने पर, वी.के. पॉल, सदस्य (स्वास्थ्य), नीति अयोग ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि हमें सावधानी बरतनी चाहिए, सरकार से उन्हें (किसानों को) संदेश भेजे गए हैं। लोकतांत्रिक प्रक्रिया जारी रहनी चाहिए, लेकिन हमें सावधान रहना चाहिए।
वहीं स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि कानून और व्यवस्था को देखने वाले अधिकारी इसपर निर्णय ले सकते हैं, इसमें स्वास्थ्य मंत्रालय या राज्य के स्वास्थ्य विभागों की कोई भूमिका नहीं है। इस बीच, सुप्रीम कोर्ट जल्द ही अधिकारियों को दिल्ली की सीमाओं से किसानों को हटाने के लिए एक दिशा-निर्देश देने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई करने वाला है, जिसमें कहा गया है कि इन सभाओं से कोरोना के मामलों में वृद्धि हो सकती है।
गौरतलब है कि कृषि कानूनों को लेकर केंद्र सरकार और किसानों के बीच हुईं कई दौर की वार्ता असफल हो चुकी हैं। सरकार जहां कानूनों को वापस लेने पर सहमत नहीं हैं, वहीं किसान इससे कम पर समझौते को तैयार नहीं हैं। यही वजह है कि दोनों के बीच गतिरोध कम होने का नाम नहीं ले रहा है।