Coronavirus संकट के बीच पिता कर रहा अपने बेटे के शव का इंतजार Bengaluru के अस्पताल में पिछले पांच दिन से पिता को नहीं दिया जा रहा बेटे का शव फ्रीजर में रखने के लिए अस्पताल रोजाना वसूल रहा हजारों रुपए
नई दिल्ली। कोरोना वायरस ( coronavirus ) का असर लगातार देशभर में बढ़ रहा है। कोरोना के चलते रोजाना सैकड़ों लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। कोरोना के बढ़ते संकट के बीच देश के दक्षिण राज्य कर्नाटक ( Karnataka )से बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां की साइबर सिटी बेंगलूरु ( Bengaluru ) में एक पिता अपने सात साल के बेटे के शव ( Father waiting son dead body ) के लिए पिछले पांच दिनों से भटक रहा है।
पांच दिन बाद भी बेटे की कोरोना रिपोर्ट नहीं दी गई है, जिसके चलते शव का पोस्टमार्टम नहीं हो रहा है और लाश घरवालों को नहीं दी गई है।
शव को फ्रीजर में रखने की रकम वसूल रहा अस्पताल
मृतक बच्चे का पिता दिन रात रिपोर्ट के लिए मारा-मारा फिर रहा है। इतना ही नहीं बेटे की लाश को फ्रीजर में रखे जाने के लिए भी अच्छी खासी रकम उससे अस्पताल ले चुका है। अस्पताल हर रोज 4 हजार रुपए ले रहा है।
सीढ़ियों से गिरने पर हुआ था जख्मी
पेशे से पेंटर असलम पाशा का सात साल का बेटा अबरार 2 जुलाई को सीढ़ियों से गिर गया था। घायल हालत में उसे अस्पताल लाया गया, जहां दो दिन बाद उसकी मौत हो गई।
अब बेटे के शव को तरस रहा पिता
असलमम का कहना है कि घायल होने पर मुश्किल से एक प्राइवेट अस्पाल ने उसके बेटे को भर्ती किया लेकिन वो बच नहीं सका। अब वो चाहता है कि उसको अपने हाथों से दफ्न कर दे लेकिन शव नहीं मिल पा रहा है।
90 हजार अब तक ले चुका अस्पताल
असलम का कहना है कि बेटे के शव को ना देने के पीछे कोरोना की रिपोर्ट का इंतजार बताया जा रहा है। वहीं फ्रीजर में रखने के लिए पैसा देना भी अब असलम के लिए मुश्किल हो गया है। परिवार का कहना है कि 90 हजार रुपए अस्पताल ने इलाज के लिए और अब हर रोज चार हजार फ्रीजर का देना पड़ रहा है।
मातम के बीच मुश्किल
बेटे की मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है, लेकिन इससे बड़ी मुश्किल अब बेटे का शव ना मिल पाना बन चुकी है।
ये है अस्पताल का तर्क
अस्पताल कहता है कि नमूने भेजे गए हैं लेकिन अभी रिपोर्ट नहीं आई है। आपको बता दें कि देश में कोरोना वायरस को लेकर अस्पतालों में काफी अव्यवस्था देखने को मिल रही है। ये उसी की बानगी है। कई वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें देखा गया है कि स्थिति खराब है। प्राइवेट अस्पतालों के भारी भरकम बिल वसूलने के भी मामले लगातार आ रहे हैं