देश में तेजी से बढ़ रही है Coronavirus के संक्रमितों की संख्या पांच राज्यों पर इस रफ्तार के साथ मंडराया बड़ा खतरा देश में कोरोना संक्रमितों के बढ़ने की यह रही रफ्तार तो पांच राज्यों में बेड की हो जाएगी कमी, इलाज में आएगी समस्या
नई दिल्ली। देशभर में कोरोना वायरस ( coronavirus ) का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तक देश में कोरोना वायरस से संक्रमितों की संख्या 16 लाख का आंकड़ा पार कर चुकी है। जबकि 35 हजार से ज्यादा लोग इस घातक बीमारी से अपनी जान गंवा चुके हैं। कोरोना वायरस ( Corona New Cases ) की तेजी से बढ़ती ये रफ्तार चिंता बड़ा कारण बनती जा रही है। खास तौर पर पांच राज्यों के लिए तेजी बड़ी परेशानी खड़ी कर सकती है।
देश में पिछले 24 घंटों में 57,118 नए मामले सामने आने के बाद हर किसी की चिंता बढ़ गई है। दरअसल कोरोना के नए मामलों की यही रफ्तार रही तो पांच राज्यों के लिए बड़ी चुनौती खड़ी हो जाएगी। दरअसल यहां आईसीयू बेड्स ( ICU ) की कमी का बड़ा खतरा मंडरा रहा है।
देशभर में कोरोना संक्रमितों की संख्या 16 लाख 95 हजार 988 तक पहुंच गई है। पिछले 24 घंटे में 57 हजार से ज्यादा कोरोना संक्रमितों के नए मामले सामने आए हैं। एक दिन पहले ही कोरोना के 55 हजार से ज्यादा मरीज सामने आए थे।
लगातार तेजी से बढ़ रही कोरोना संक्रमितों की संख्या ने 5 राज्यों के लिए खतरे की घंटी बजा दी है।
इन पांच राज्यों में बढ़ सकती है चुनौती
कोरोना की रफ्तार इसी तरह रही तो आंध्र प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, ओडिशा और केरल समेत पांच राज्यों के लिए चुनौतियां बढ़ जाएंगी।
इस वजह से बढ़ेगी मुश्किल
इन पांच राज्यों में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर ( Health infrastructure ) उतने बेहतर नहीं हैं, जितने अन्य राज्यों में दिखाई पड़ते हैं। इन राज्यों में प्रति लाख की आबादी के हिसाब से आईसीयू बेड्स की भारी कमी है। कोरोना संक्रमितों की यही रफ्तार आगे भी परेशानी बढ़ा सकती है।
सबसे पहले आंध्र प्रदेश की बात करते हैं। यहां पर हर एक लाख पर 145 बेड्स उपलब्ध हैं। वहीं हालात काफी बुरे हैं यहां पर बेड्स की संख्या सिर्फ 26 है। इन पांच राज्यों में सबसे अच्छी स्थिति कर्नाटक की है यहां प्रति लाख पर 392 बेड उपलब्ध हैं। जबकि केरल में 254 और सिर्फ 56 बेड्स का इंतजाम है।
इसी तरह आंध्र प्रदेश में कोरोना की रफ्तार 9.3% की दर से बढ़ रही है। जो इन पांच राज्यों में सबसे ज्यादा है। जबकि बिहार में ये आंकड़ा 6.1% है। वहीं कर्नाटक, ओडिशा और केरल में भी नए मामले 5% की तेजी से सामने आ रहे हैं।