Former President Pranab Mukherjee का लंबी बीमारी के बाद सोमवार को निधन हो गया Pranab Mukherjee के निधन की पुष्टी उनके बेटे अभिजीत मुखर्जी ने ट्वीट कर दी
नई दिल्ली। देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ( Former President Pranab Mukherjee ) का लंबी बीमारी के बाद सोमवार को निधन ( Pranab Mukherjee passes away ) हो गया। प्रणब 84 साल के थे। प्रणब मुखर्जी ( Pranab Mukherjee ) के निधन की पुष्टी उनके बेटे अभिजीत मुखर्जी ( Abhijeet Mukherjee ) ने ट्वीट कर दी। अभिजीत ने अपने ट्वीट में लिखा कि इलाज के दौरान डॉक्टरों के अथक प्रयासों के बावजूद भी प्रणब दा को बचाया नहीं जा सका। अभिजीत ने सभी से अपने पिता की आत्मा की शांति के लिए दुआ करने की अपील भी की। आपको बता दें कि प्रणब मुखर्जी के ब्रेन में क्लॉटिंग होने के कारण उनको हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।
डॉक्टरों ने उनका जीवन बचाने के लिए उनकी ब्रेन सर्जरी भी की गई, जिसके बाद उनकी तबीयत और ज्यादा बिगड़ गई थी। यहां तक कि वह कोमा में चल गए थे। इसके बाद से उनके तबीयत को लेकर कोई शुभ समाचार नहीं आ रहा था। इस बीच प्रबण दा कोरोना वायरस पॉजिटिव भी पाए गए थे, जिसकी जानकारी उन्होंने खुद ट्वीट करके दी थी। अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा था कि एक अलग मेडिकल प्रकिया के दौरान वह कोरोना जांच में पॉजिटिव पाए गए हैं। उन्होंने पिछले कुछ दिनों में उनके संपर्क में आए लोगों से भी होम आइसोलेट हो जाने और कोरोना की जांच कराने की अपील की थी।
प्रणब 2012 से 2017 तक भारत के तेरहवें राष्ट्रपति रहे। प्रणब मुखर्जी को 2019 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। प्रणब दादा का जन्म 11 दिसंबर 1935 को पश्चिम बंगाल के मिरिटी गांव में हुआ था। प्रणब मुखर्जी साल 2012 में देश के राष्ट्रपति बने थे, 2017 तक वो राष्ट्रपति रहे। साल 2019 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रणब मुखर्जी के निधन पर दुख जताया है। प्रधानमंत्री मोदी ने ट्विटर पर लिखा कि आज पूरा देश प्रणब मुखर्जी के निधन पर दुखी है। प्रणब एक स्टेट्समैन थे। उन्होंने हमेशा राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र के हर तबके की सेवा की है। इसके साथ ही उन्होंने अपने राजनीतिक करियर में आर्थिक देश के लिए और सामरिक क्षेत्र में योगदान दिया। प्रणब दा एक बेहद शानदार सांसद थे, जो हमेशा पूरी तैयारी के साथ जवाब देते थे।