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जीएसटी काउंसिल की 43वीं बैठक आज: पेट्रोल-डीजल, कोरोना की दवा सहित इन अहम फैसलों पर लग सकती हैं मुहर

जीएसटी काउंसिल की 43वीं बैठक आज होने वाली है। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए इसकी अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण करेंगी। करीब 8 महीने बाद होने जा रही इस बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।

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GST Council meeting

नई दिल्ली। जीएसटी काउंसिल की 43वीं बैठक आज होने वाली है। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए इसकी अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण करेंगी। करीब 8 महीने बाद होने जा रही इस बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। जीएसटी काउंसिल की बैठक में बैठक में कोविड—19 से संबंधित दवाओं, टीकों और चिकित्सा उपकरणों पर जीएसटी दरों को कम करने पर विचार करने की उम्मीद है। इसके अलावा इस बैठक में कोरोना महामारी के कारण राज्यों हो रहे नुकसान के कारण राज्यों द्वारा मांगी जाने वाली फिस्कल सपोर्ट यानी आर्थिक मदद पर जीएसटी काउंसिल को फैसला करना पड़ सकता है।

जीएसटी की 43वीं बैठक में इन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा......

— जीएसटी एमने‍स्‍टी स्‍कीम की घोषणा
28 मई को होने जा रही जीएसटी की बैठक में जीएसटी रिटर्न फाइलिंग को लेकर एक एमनेस्‍टी स्‍कीम की घोषणा की जा सकती है। इस स्‍कीम के दायरे में 01 जुलाई 2017 से लेकर अप्रैल 2021 तक के सभी लंबित GSTR-3B रिटर्न्‍स को शामिल किया जाएगा। सभी जीएसटी रजिस्‍टर्ड कारोबार को GSTR-3B रिटर्न दाखिल करना होता है।

— वैक्सीन को टैक्स में छूट का विचार
जीएसटी काउंसिल को कोविड-19 की वैक्सीन को टैक्स में छूट देने के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा। अभी वैक्सीन पर 5 फीसदी जीएसटी लगता है। कुछ राज्यों ने कोरोना की वैक्सीन को पूरी तरह टैक्स से मुक्त रखने या 0.1 फीसदी का मामूली टैक्स लगाने का सुझाव दिया है।


— कोरोना की दवा से जीएसटी हटाना
इस समय पूरा देश कोरोन वायरस से जूझ रहा है। कोरोना वैक्‍सीन की घरेलू आपूर्ति और वाणिज्यिक आयात पर 5 फीसदी जीएसटी लगता है। वित्त मंत्री ने कहा था कि कोरोना की दवा, वैक्सीन पर जीएसटी हटा दिए जाने से दवाएं महंगी हो जाएगी। जीएसटी हटने पर इनके निर्माता उत्पादन में इस्‍तेमाल कच्चे माल दूसरी सामानों पर चुकाए गए टैक्‍स के लिए इनपुट-टैक्स-क्रेडिट का दावा नहीं कर सकेंगे।

— पेट्रोल—डीजल पर जीएसटी
इस बैठक में पेट्रोल-डीजल पर भी चर्चा हो सकती है। केंद्र सरकार अलग-अलग मोर्चों पर कई बार कह चुकी है कि तेल के दाम काबू में लाने के लिए उसे जीएसटी के दायरे में लाना होगा। वित्तमंत्री इस बारे में राज्यों के विचार जानने के बाद आगे का रोडमैप तय कर सकती है।

Published on:
28 May 2021 12:09 pm
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