कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का धरना प्रदर्शन जारी है सरकार के साथ 11 दौर की वार्ता के बावजूद भी किसानों का मसला सुलझ नहीं पाया है
नई दिल्ली। कृषि कानूनों ( New Farm Law ) के विरोध में किसानों का धरना प्रदर्शन जारी है। सरकार के साथ 11 दौर की वार्ता के बावजूद भी किसानों का मसला सुलझ नहीं पाया है। इस बीच कुरुक्षेत्र के पिहोवा में एक किसान महापंचायत ( Kisan Mahapanchayat ) को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ( Rakesh Tikait ) ने कहा कि आंदोलन को अब कोई नहीं रोक पाएगा, यह बढ़ रहा है और बढ़ता रहेगा...आंदोलन जल्द ही पूरे देश में फैल जाएगा। राकेश टिकैत ने कहा कि अब चार लाख नहीं, बल्कि चालीस लाख टैक्टरों की रैली ( Tractor Rally ) निकाली जाएगी।
किसान महापंचायत में राकेश टिकैत ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने जिंदगी में कभी कोई आंदोलन नहीं किया, बल्कि देश को तोडऩे का काम किया है। यही वजह है कि उनको आंदोलन करने वाले आंदोलनजीवियों के बारे में कुछ नहीं पता। राकेश टिकैत ने कहा कि भारत में आंदोलनकारियों को इतिहास रहा है। शहीद भगत सिंह ने आंदोलन किया था, लालकृष्ण आडवाणी ने आंदोलन किया था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोई आंदोलन नहीं किया। इस बीच राकेश टिकैत ने कहा कि किसान दो अक्टूबर तक कहीं जाने वाले नहीं हैं। जबकि उसके बाद आंदोलन को दूसरा रूप दिया जाएगा। दो अक्टूबर के बाद किसान बदल-बदल कर आंदोलन में शामिल होने पहुंचेंगे।
किसान अपने घरों को लौटने वाले नहीं
आपको बता दें कि राकेश टिकैत के नेतृत्व में किसान आंदोलन जोर पकड़ता जा रहा है। किसान राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के मुहानों पर मोर्चा संभाले बैठे हैं। किसानों ने साफ कर दिया है कि जब कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया जाएगा तब किसान अपने घरों को लौटने वाले नहीं हैं। इसके साथ ही किसानों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर भी एक कानून बनाए जाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि एमएसपी पर कानून के बिना व्यापारी वर्ग देश के किसानों को लूटने पर लगा है। हालांकि सरकार ने कृषि कानूनों में किसानों की मांग के अनुरूप संशोधन करने की बात कही है। लेकिन किसान कानूनों की वापसी से कम पर मानने को तैयार नहीं है।
सरकार किसानों से केवल एक कॉल की दूरी पर
पिछले दिनों बजट सत्र से पहले बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि सरकार किसानों के हर मसले पर बातचीत करने को तैयार है। तीन कृषि कानून भी किसानों के हित में ही लाए गए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा सरकार किसानों से केवल एक कॉल की दूरी पर है। किसान जब चाहें कृषि मंत्री को फोन करके बुला सकते हैं।