
नई दिल्ली। भारत और चीन ( India China Tension ) के बीच चल रहे तनाव में भले ही थोड़ा नरमी आई हो लेकिन नेपाल लगातार अपनी नई चालों से विवाद को जन्म दे रहा है। एक बार फिर नेपाल ने भारत ( India Nepal Border ) की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की है। नया विवाद पैदा करते हुए नेपाल ने भारत-नेपाल बॉर्डर ( Indo-Nepal border ) पर भारतीय क्षेत्र में हो रहे सड़क निर्माण ( Road Construction ) को रोक दिया। इतना ही नहीं उसने भारतीय जमीन पर अपना अधिकार भी जताया।
दरअसल मामला बिहार के सीतामढ़ी स्थित भिट्ठामोड़ बॉर्डर का है। नेपाल पुलिस ( Nepal Police ) ने भारतीय सीमा क्षेत्र की 20 मीटर जमीन पर अपना दावा पेश किया है।
एक बार फिर बिहार के सीतामढ़ी भिठ्ठामोड़ बॉर्डर के समीप नेपाल पुलिस ने भारतीय सीमा क्षेत्र में बन रहे सड़क निर्माण कार्य को रोक लगा दिया है। नेपाल पुलिस की इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों में काफी गुस्सा है।
सड़क निर्माण कार्य पर रोक लगाने के बाद सड़क निर्माण कार्य करा रही निर्माण एजेंसी मौके से जा चुकी है। इस मामले पर भारत नेपाल सीमा पर स्थित SSB के अधिकारी कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर रहे हैं।
बताया जाता है कि नेपाल पुलिस ने जिस सड़क निर्माण कार्य पर रोक लगाया है वह राष्ट्रीय राजमार्ग का है। इस सड़क की हालत पिछले लंबे अरसे से खराब थी।
इतना ही नहीं सड़क निर्माण विभाग की यह सड़क नेपाल के महेन्द्र राज मार्ग से सीधे जुड़ता है। इधर, दूसरी ओर सीतामढ़ी एसएसबी के अधिकारी कमान्डेट नवीन कुमार के मुताबिक मामले को नेपाल के अधिकारियों से बात करके बहुत जल्द सुलझा दिया जायेगा।
रोड कंस्ट्रक्शन रोके जाने के बात सीमा पर तनाव इतना बढ़ गया कि दोनों ही तरहफ के जवानों का जमावड़ा होने लगा। जहं पर काम रोका गया है वह भारतीय क्षेत्र की जमीन है, लेकिन नेपाल की पुलिस ने उसे 'नो मेन्स लैन्ड' की जमीन होने का दावा करके काम रोक दिया है।
इससे पहले नेपाल ने भारत को भारी बारिश के बीच धमकी देते हुए कहा कि बंजरहा के पास भारतीय सीमा में नो मेंस लैंड से सटे हुए लालबकेया नदी के तटबंध के एक हिस्से को नहीं हटाया तो इसे तोड़ देंगे।