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अंतरिक्ष में नई सफलता को तैयार भारत, अगले साल उड़ेगा पहला छोटा रॉकेट : इसरो

इसरो के अध्यक्ष के शिवन ने बताया, 'ऐसे छोटे रॉकेट जो करीब 500 किलोग्राम भार के उपग्रहों को ढो सकें, उनका विकास जारी है। पहले छोटे रॉकेट की उड़ान अगले साल हो सकती है।'
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अंतरिक्ष में नई सफलता को तैयार भारत, अगले साल उड़ेगा पहला छोटा रॉकेट : इसरो

चेन्नई। भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी अपने पहले छोटे रॉकेट को अगले साल उड़ाने की योजना बना रहा है, जिसकी भार ले जाने की क्षमता 500-700 किलोग्राम होगी। इसरो के अध्यक्ष के शिवन ने बताया, 'ऐसे छोटे रॉकेट जो करीब 500 किलोग्राम भार के उपग्रहों को ढो सकें, उनका विकास जारी है। पहले छोटे रॉकेट की उड़ान अगले साल हो सकती है।' उन्होंने कहा कि छोटे रॉकेट को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित वर्तमान रॉकेटपोर्ट से लॉन्च किया जाएगा।

सरल वर्टिकल लॉन्च मैकेनिज्म की जरूरत

एंट्रिक्स कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक एस राकेश ने हाल ही में बेंगलुरू में कहा था कि कम लागत के छोटे रॉकेटों के लिए एक समर्पित लॉन्च पैड की जरूरत है, जिसका सरल वर्टिकल लॉन्च मैकेनिज्म होना चाहिए। राकेश ने कहा, 'शुरुआत में एसएसएलवी को हमारे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित लॉन्च पैड से लॉन्च किया जाएगा। हम बाद में एक अगल से स्पेसपोर्ट बनाने पर काम करेंगे।'

छोटे रॉकेट श्रीहरिकोटा से ही उड़ाए जाएंगे अभी

शिवन से अलग स्पेसपोर्ट को लेकर राकेश के विचार के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि शुरुआत में तो छोटे रॉकेटों को श्रीहरिकोटा से ही उड़ाया जाएगा। एंट्रिक्स की भविष्य में अपनी योजनाएं हो सकती है। संयोग से, एंट्रिक्स ने भारतीय नागरिकों से 'स्पेस सिस्टम के विनिर्माण और विपणन प्रमुख' के पद के लिए आवेदन आमंत्रित किया है। इस नौकरी के विवरण में लिखा गया है कि एंट्रिक्स नया स्पेसपोर्ट बनाने पर विचार कर रही है, जिसके कार्यान्वयन की जिम्मेदारी इस पद को संभालने वाले की होगी और उसे इसरो के साथ और तकनीक का हस्तांतरण और प्रणाली के उत्पादन करने वाली कंपनियों के साथ मिलकर काम करना होगा।

Published on:
15 Sept 2018 06:55 pm