प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फोन करने को लेकर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्वीट किया, जिसपर अब आंध्र प्रदेश के सीएम जगन मोहन रेड्डी ने कहा है कि इस तरह की राजनीति से देश कमजोर होगा। हमें पीएम की मदद करनी चाहिए।
नई दिल्ली। कोरोना वायरस के प्रकोप से जूझ रहे देश के सामने एक बड़ी चुनौती है। हर दिन संक्रमण के बढ़ते मामलों और अस्पतालों में बेड्स व ऑक्सीजन की कमी से चिंताएं बढ़ी हुई है। केंद्र सरकार से लेकर तमाम राज्य सरकारें हर संभव प्रयास में जुटी हैं। वहीं दूसरी तरफ जमकर सियासत भी हो हो रही है।
दरअसल, कोरोना की दूसरी लहर से कई राज्य बेहाल हैं, ऐसे में राज्यों तक हर संभव मदद पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद फोन करके या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए या फिर किसी अन्य माध्यम से संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से चर्चा कर रहे हैं। इन्हीं में से एक कोरोना प्रभावित राज्य झारखंड है, जहां कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ पीएम मोदी ने फोन पर कोरोना संकट को लेकर चर्चा की।
लेकिन, हेमंत सोरेन ने पीएम मोदी के साथ हुई इस चर्चा को लेकर ट्वीट किया, जिसके बाद अब विवाद छिड़ गया है। भाजपा शासित तमाम राज्यों के सीएम, केंद्रीय मंत्री समेत तमाम बड़े नेता सोशल मीडिया पर हेमंत सोरन को जवाब दे रहे हैं। इसी कड़ी में अब आंध्र प्रदेश के मुख्य मंत्री जगन मोहन रेड्डी ने भी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए हेमंत सोरेन को नसीहत दी है।
ऐसी राजनीति से देश को होगा नुकसान: जगन मोहन रेड्डी
जगन मोहन रेड्डी ने ट्वीट करते हुए कहा 'प्रिय हेमंत सोरेन, मैं आपकी काफी इज्जत करता हूं.. लेकिन एक भाई के रूप में गुजारिश करना चाहूंगा.. यह मायने नहीं रखता कि हमारे आपस के क्या मतभेद हैं.. लेकिन इस तरह की राजनीति करने से सिर्फ हम अपने देश को कमजोर करेंगे.. कोविड-19 के खिलाफ इस युद्ध के समय एक-दूसरे पर उंगली उठाने का नहीं बल्कि एक साथ आने और हमारे प्रधानमंत्री के हाथों को मजबूत कर प्रभावी रूप से महामारी का मुकाबला करने का है।’
इससे पहले कई अन्य नेताओं ने हेमंत सोरेन को आड़े हाथों लिया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने ट्वीट करत् हुए लिखा यह वक्त कोरोना से लड़ने का है, पीएम से लड़ने का नहीं। पीएम पर टिप्पणी करके हेमंत अपनी सरकार की नाकामी छिपाना चाहते हैं। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने ट्वीट करते हुए लिखा , ‘कृपया संवैधानिक पदों की गरिमा को इस निम्न स्तर तक न ले जाएं। महामारी के इस कठिन समय में कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। हम एक टीम इंडिया हैं। ‘
वहीं हेमंत बिस्वा सरमा ने लिखा, ‘आपका यह ट्वीट न सिर्फ न्यूनतम मर्यादा के खिलाफ है बल्कि उस राज्य की जनता की पीड़ा का भी मजाक उड़ाना है जिनका हाल जानने के लिए माननीय प्रधानमंत्री ने फोन किया था। बहुत ओछी हरकत कर दी आपने। मुख्यमंत्री पद की गरिमा भी गिरा दी।’
बता दें कि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा था कि बेहतर होता यदि पीएम मोदी काम की बात करते और काम की बात सुनते। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, 'आज आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने फोन किया। उन्होंने सिर्फ अपने मन की बात की। बेहतर होता यदि वो काम की बात करते और काम की बात सुनते।'