Kangana bungalow Case में बांबे हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी बीएमसी ने गलत नीयत से की कार्रवाई अभिनेत्री के वकील ने कहा-शिवसेना ने मनपा को हथियार बनाया
नई दिल्ली। अभिनेत्री कंगना रनौत का बंगला तोड़ने ( Kangana Bungalow Case ) के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई महानगर पालिका ( BMC ) के खिलाफ शुक्रवार तल्ख टिप्पणी की। दोनों पक्ष के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि बीएमसी ने गलत नीयत से यह कार्रवाई की। अदालत ने कहा कि एक दिन पहले सर्वे कर अगले दिन याचिकाकर्ता का बंगला ध्वस्त कर दिया। कोर्ट ने बीएमसी से पूछा कि घर तोडऩे में आपने फूर्ति दिखाई, जबकि इसका जवाब देने में देरी कर रहे हैं।
कंगना रनौत के बंगले में तोड़फोड़ मामले की सुनवाई के दौरान बांबे हाईकोर्ट का रुख बीएमसी को लेकर सख्त नजर आया। मामले की सुनवाई जस्टिस एसजे कथावाला और जस्टिस आरआई चागला की खंडपीठ के समक्ष हुई।
वकील ने कहा, बीएमसी ने निकाली दुश्मनी
जस्टिस कथावाला ने अभिनेत्री के बंगले का सर्वे करने वाले बीएमसी अधिकारी के बारे में जानकारी भी मांगी है। कंगना के वकील ने कहा कि अवैध निर्माण तोडऩे के बहाने उनके मुवक्किल के साथ दुश्मनी निकाली गई। शिवसेना ने इसके लिए बीएमसी का इस्तेमाल किया।
आपको बता दें कि अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की संदिग्ध मौत और ड्रग के मकड़जाल में उलझे बॉलीवुड को लेकर अभिनेत्री कंगना और शिवसेना सांसद संजय राउत के बीच बयानबाजी हुई थी।
शिवसेना सांसद राउत ने कंगना को मुबंई नहीं आने की चेतावनी दी थी। इस दौरान मुंबई और ठाणे में कई जगहों पर शिवसेना कार्यकर्ताओं ने अभिनेत्री के पोस्टर भी जलाए थे।
कंगना ने दिया था चैलेंज
कंगना ने चैलेंज किया था कि वे 9 सितंबर को मुंबई आएंगी। कोई भी रोक सके तो रोक ले। कंगना की इस चुनौती के बाद बाद बीएमसी ने अभिनेत्री के बंगले में बुलडोजर चलवा दिया।
कंगना उसी दिन मुंबई पहुंचीं, लेकिन तब तक उनका बंगला उजड़ चुका था। मनपा की कार्रवाई को अदालती आदेश का उल्लंघन बताते हुए कंगना ने न्याय की गुहार लगाई है।
नुकसान भरपाई के लिए कंगना ने बीएमसी से दो करोड़ रुपए हर्जाना मांगा है। इस मामले में गुरुवार को भी हाईकोर्ट ने बीएमसी को फटकार लगाई थी।