
नई दिल्ली। इस बार का गणतंत्र दिवस समारोह ( Republic Day ) कुछ खास होगा। दरअसल इस बार गणतंत्र दिवस समारोह के शुरू होने से पहले ही कई विवाद खड़े हो गए हैं। पश्चिम बंगाल ( West Bengal ) और महाराष्ट्र ( Maharashtra ) की झांकी को इस बार रीपब्लिक डे परेड में शामिल नहीं किए जाने का विवाद अभी खत्म ही नहीं हुआ था कि एक और राज्य ने सवाल उठाया है। प.बंगाल और महाराष्ट्र के साथ अब केरल की झांकी को भी गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल नहीं किया गया है।
केरल ने अपनी झांकी के लिए थेय्यम और कलामंडलम के पारंपरिक कला का प्रस्ताव रखा था। इस प्रस्ताव को रक्षा मंत्रालय की सलेक्शन कमेटी ने खारिज कर दिया है।
आपको बता दें कि इससे पहले पश्चिम बंगाल की झांकी को इजाजत नहीं दिए जाने पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ( Mamata Banerjee ) ने कड़ा एतराज जताया था। उन्होंने इसे प्रदेश की जनता और प्रदेश का अपमान बताया था।
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सीएम ममता बनर्जी ने कहा है कि केंद्र सरकार ने इसलिए ये फैसला लिया क्योंकि हमने नागरिकता संशोधन कानून ( CAA ) को मानने से इनकार कर दिया।
आपको बता दें कि रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को जानकारी दी कि बंगाल सरकार की झांकी का प्रस्ताव विशेषज्ञ समिति के पास दोबारा भेजा गया। हो सकता है दूसरी बैठक में विस्तृत चर्चा के बाद पिछले आदेश को खारिज कर दिया गया।
56 झाकियों के मिले थे प्रस्ताव
आपको बता दें कि इस वर्ष 2020 के गणतंत्र दिवस परेड के लिए 56 झाकियों के प्रस्ताव गृह मंत्रालय को प्राप्त हुए थे। इनमें से 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मंत्रालय या विभाग से आए थे। गणतंत्र दिवस परेड पर हुए पांच दौर की बैठक के बाद 56 झाकियों के प्रस्ताव में से 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 22 प्रस्तावों और मंत्रालयों व विभागों की 6 झाकियों को इस बार की परेड में शामिल होने के लिए चुना गया।