Independence Day 2020 आजादी के जश्न का रंग बाजारों में दिख रहा फीका Coronavirus के चलते बाजारों में नहीं खरीदारों की रौनक School College और दफ्तर बंद होने के चलते बिक्री पर पड़ा सीधा असर
नई दिल्ली। देशभर में 15 अगस्त को 74वां स्वतंत्रता दिवस ( Independence Day 2020 ) मनाया जाएगा। हालांकि कोरोना वायरस ( Coronavirus ) के चलते इस बार पहले की तरह जश्न तो नहीं मनेगा लेकिन जज्बा कई गुना ज्यादा होगा। हालांकि बाजारों से कोरोना वायरस के चलते रौनक पूरी तरह गायब है। यही नहीं बाजारों ( Market ) में दुकानदारों पर भी कोरोना की मार साफ नजर आ रही है। दुकानदारों का कहना है कि इस बार तिरंगा ( Tiranga ) थीम से जुड़ी चीजें खरीदने में भी लोगों की दिलचस्पी काफी कम है।
कोरोना संकट के चलते बाजारों में खरीदारों के ना आने से व्यापारियों में भी बैचेनी साफ देखी जा सकती है। दरअसल इससे पहले रक्षाबंधन और जन्माष्टमी जैसे त्योहार पर भी दुकानदारों को निराशा ही हाथ लगी थी। कोरोना का असर इन त्योहारों पर भी साफ दिखाई दिया था।
रक्षा बंधन और जन्माष्टमी जैसे त्योहारों पर खरीदारों की कमी से परेशान व्यापारी एक बार फिर मायूस हैं। 15 अगस्तक पर आजादी के जश्न में भी उन्हें खरीदारों की तरफ से निराशा ही हाथ लगी है। कारण है वैश्विक महामारी कोरोना वायरस। कोरोना संकट के चलते एक बार फिर बाजारों से खरीदार गायब हैं।
दिल्ली के सदर बाजार के व्यापारियों की मानें तो उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनका कहना है कि मार्केट पूरी तरह ठंडा पड़ा हुआ है सिर्फ इक्का-दुक्का लोग ही तिरंगा झंडा, टोपी, बिल्ले इत्यादि खरीदने के लिए आ रहे हैं।
सिर्फ 5 फीसदी व्यापार
व्यापारियों की मानें तो हर वर्ष स्वतंत्रता दिवस से एक महीने पहले ही ऑर्डर मिल जाते थे। लेकिन इस बार ऑर्डर तो दूर बल्कि अब तक सिर्फ 5 फीसदी ही व्यापार हुआ है। वो भी राजनीतिक पार्टियों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने झंडे, टोपी, बैच जैसे चीजें खरीदी हैं।
ये भी है एक बड़ा कारण
दरअसल कोरोना वायरस की वजह से इस बार स्कूल और कॉलेज बंद है। यही वजह है कि स्टूडेंट्स और शिक्षण संस्थानों की ओर से पंद्रह अगस्त पर जो खरीदारी होती थी वो भी इस बार नहीं हो रही है। इसके अलावा कई निजी कार्यालय भी वर्क फ्रॉम होम करवा रहे हैं। ऐसे में यहां पर मनाया जाने वाला जश्न भी इस बार फीका ही है।
हालांकि इस बार कुछ और चीजें भी बाजार में आई हैं जिनमें तिरंगा मास्क प्रमुख रूप से शामिल हैं। बाजारों में कई तरह के तिरंगा मास्क उपलब्ध हैं। हालांकि इसको लेकर राजनीति भी गर्मा गई है। कांग्रेस ने तिरंग मास्कों को लेकर आपत्ति जताई और पीएम मोदी से इसके बैन की मांग की है।