अंतरिक्ष में भेजी जाएगी भगवद् गीता और पीएम मोदी की तस्वीर ISRO के साथ स्पेसकिड्स इंडिया भेजेगा नैनो सैटेलाइट खास चिप पर लिखे जाएंगे 25 हजार लोगों के नाम
नई दिल्ली। अंतरिक्ष में भारत लगातार नई ऊंचाई हासिल कर रहा है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र ( ISRO ) की ऊंची उड़ाने दुनियाभर में अपना दम दिखा रही हैं। इसी कड़ी में अब एक और पहल की जा रही है। दरअसल बड़े अंतरिक्ष मिशन (Space Mission) में लोगों का नाम भेजने की विदेशी एजेंसियों की परंपरा को अब भारत (India) के अंतरिक्ष मिशन में भी शामिल कर लिया गया है।
निजी क्षेत्र का पहला उपग्रह सतीश धवन सैट (Satish Dhawan Satellite) पहली बार नासा की तर्ज पर भगवद् गीता, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक तस्वीर और 25 हजार भारतीय लोगों का नाम लेकर अंतरिक्ष में पहुंचेगा।
इस उपग्रह का प्रक्षेपण इसरो अपने विश्वसनीय ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान 'पीएसएलवी सी-51' से दो अन्य निजी उपग्रहों के साथ करेगा।
नैनो सैटेलाइट में लगेगी खास चिप
एसडी सैट का निर्माण करने वाली चेन्नई आधारित कंपनी स्पेसकिड्ज के मुख्य तकनीकी पदाधिकारी रिफत शाहरुख के मुताबिक 3.5 किलोग्राम वजनी इस नैनो उपग्रह में एक अतिरिक्त चिप लगाई जाएगी।
ये है मकसद
इस चिप में सभी लोगों के नाम होंगे। इस नैनोसेटेलाइट को भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के संस्थापक के नाम पर ही रखा गया है।
स्पेसकिड्स का मकसद इस मिशन के जरिए छात्रों के बीच अंतरिक्ष विज्ञान को बढ़ावा देना है।
स्पेसकिड्स का पहला उपग्रह
अंतरिक्ष में तैनात होने वाला ये नैनो सैटेलाइट स्पेसकिड्स इंडिया का पहला उपग्रह होगा। संस्थापक और सीईओ डॉ. केसन के मुताबिक इस उपग्रह की लॉन्चिंग को लेकर सभी में काफी उत्साह है।
उन्होंने कहा कि जब हमने मिशन को अंतिम रूप दिया, तो हमने लोगों से उनके नाम भेजने को कहा जो अंतरिक्ष में भेजे जाएंगे।
मिलेगा बोर्डिंग पास
एक सप्ताह के अंदर ही हमें 25,000 से ज्यादा नाम भेजे गए। इनमें से 1,000 नाम भारत के बाहर के लोगों द्वारा भेजे गए थे। चेन्नई में एक स्कूल से सभी छात्रों के नाम भेजे गए हैं। जिन लोगों के नाम अंतरिक्ष में भेजे जाएंगे उन्हें बोर्डिंग पास भी दिया जाएगा।