
नई दिल्ली। अपने तरह की एक अनोखी पहल के तहत दिल्ली के सरकारी कॉलेजों के चार प्रधानाचार्यों को विद्यार्थियों को लर्नर ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने के लिए लाइसेंस अधिकारी के तौर पर नियुक्त किया गया है। यातायात विभाग की तरफ से सोमवार को इस संबंध में एक अधिसूचना जारी की गई है।
...इन निदेशकों-प्रधानाचार्यों को मिला अधिकार
- जीबी पंत प्रौद्योगिकी संस्थान
- औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान पूसा
- आचार्य नरेंद्र देव कॉलेज
- शहीद सुखदेव कॉलेज ऑफ बिजनस स्टडीज
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यातायात विभाग की तरफ से आई अधिसूचना के अनुसार, 'इन संस्थानों के निदेशकों या प्रधानाचार्यों को उनके छात्रों को शर्तों के तहत लर्नर ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने के लिए लाइसेंस अधिकारी के तौर पर नियुक्त किया गया है। एक सरकारी अधिकारी से मिली जानकारी के मुताबिक धीरे-धीरे और कॉलेजों को भी इस सूची में जोड़ा जाएगा।' शैक्षणिक संस्थाओं के इस मुहिम से जुड़ने से सभी के लिए आसानी हो जाएगी।
छह महीने के लिए वैध होता है यह लाइसेंस
गौरतलब है कि दिल्ली में लर्नर लाइसेंस छह महीने के लिए वैध होता है, इस समय सीमा के भीतर आवेदक को स्थाई लाइसेंस बनवाना होता है। हालांकि स्थाई लाइसेंस बनवाने के लिए पहले की तरह ही निर्धारित प्रक्रिया से गुजरना होगा। इस पहल से दिल्ली में विभिन्न कॉलेज, पॉलीटेक्निक और आईटीआई के छात्रों को लाभ मिलेगा। इस व्यवस्था से छात्रों को लाइसेंस बनाने में काफी मदद मिलेगी। गौरतलब है कि यह कदम छात्रों की सुविधा के साथ-साथ, लाइसेंस जारी करने वाली अथॉरिटी का बोझ भी कम करने के लिए उठाया गया है।