आंकड़ों के अनुसार- भारत में सबसे ज्यादा साइबर हमले करने वाले पांच प्रमुख देशों में रूस शीर्ष पर रहा।
डिजिटल इंडिया के रूप में आगे बढ़ रहे देश को इस साल लाखों साइबर हमलों का सामना करना पड़ा। साइबर हमला करने वाले देशों में चीन का नाम प्रमुख है। एक साइबर सुरक्षा कंपनी एफ-सिक्योर ने अपनी एक रिपोर्ट में यह दावा किया है। रिपोर्ट के अनुसार- 2018 की पहली छमाही में भारत को सबसे ज्यादा साइबर हमले रूस, अमरीका, चीन और नीदरलैंड जैसे देशों की ओर से झेलने पड़े हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि- इस समय दौरान साइबर हमलों की 4.36 लाख से ज्यादा घटनाएं हुईं।
रिपोर्ट के अनुसार- इस समयावधि में भारत की ओर किए गए साइबर हमले झेलने वाले शीर्ष पांच देशों में ऑस्ट्रिया, नीदरलैंड, ब्रिटेन, जापान और यूक्रेन शामिल हैं। इन देशों पर भारत की ओर से कुल 35,563 साइबर हमले किए गए।
कंपनी ने यह आंकड़े ‘हनीपॉट्स’ से जुटाए हैं। कंपनी के अनुसार- उसने दुनियाभर में ऐसे 41 से ज्यादा ‘हनीपॉट्स’ लगाए हैं जो साइबर अपराधियों पर ‘बगुले’ की तरह नजर रखते हैं। इसके माध्यम से नवीनतम मालवेयर के नमूने और नई हैकिंग तकनीकों के आंकड़े भी एकत्र किए जाते हैं।
‘हनीपॉट्स’ मूल रूप में प्रलोभन देने वाले सर्वर की तरह काम करते हैं, जो किसी कारोबार के सूचना प्रौद्योगिकी ढांचे का अनुकरण करते हैं। यह हमला करने वालों के लिए काम करते हैं। जानकारों के अनुसार- यह वास्तविक कंपनियों के सर्वर की तरह ही काम करते हैं। जो आमतौर पर सुरक्षा की दृष्टि से कमजोर होते हैं। रिपोर्ट के अनुसार- इस तरह से हमले के तरीकों को करीब से जानने में मदद मिलती है।
आंकड़ों के अनुसार- भारत में सबसे ज्यादा साइबर हमले करने वाले पांच प्रमुख देशों में रूस शीर्ष पर रहा। रूस से भारत में 2,55,589 साइबर हमले, अमरीका से 1,03,458, चीन से 42,544, नीदरलैंड से 19,169 और जर्मनी से 15,330 हमले यानी कुल 4,36,090 साइबर हमले हुए। वहीं भारत से ऑस्ट्रिया में 12,540 साइबर, नीदरलैंड में 9,267, ब्रिटेन में 6,347, जापान में 4,701 और यूक्रेन में 3,708 हमले किए गए।