
नई दिल्ली। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. गंगाखेडकर ने मीडिया से बातचीत में कहा है कि लॉकडाउन खत्म होने का अनुमान केवल अटकलें हैं। इस तरह की थ्योरीज को गलत बताते हुए उन्होंने कहा कि इसके उलट गर्मी में कोरोना का कहर और बढ़ सकता है।
डॉ. गंगाखेडकर ने कहा कि गर्म और आद्र मौसम वाले देशों से भी केसों की संख्या बढ़ने की रिपोर्ट आ रही हैं। ऐसे में यह अनुमान लगाना कि लॉकडाउन खत्म हो सकता है या कोरोना का असर कम हो जाएगा, सही नहीं होगा।
आईसीएमआर के वैज्ञानिक डॉ. रमन गंगाखेडकर इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि मौजूदा स्थिति में सोशल डिस्टेंसिंग जैसे उपायों में ढिलाई देने की जरूरत नहीं है। उन्होंने देश भर में कई कोरोना क्लस्टर बनने के लिए निजामुद्दीन मरकज को जिम्मेदार ठहराया है।
आईसीएमआर के वैज्ञानिक ने कहा कि मौजूदा वक्त में केस की संख्या और बढ़ सकता है। हमें कुछ समय के लिए इंतजार करना होगा। लॉकडाउन पर आगे क्या फैसला लेना है ये 14 अप्रैल को तय होगा। एक बात सभी को याद रखनी चाहिए कि अगर बच्चे के जन्म पर BCG का टीका लगाया जाता है तो इसका मतलब यह नहीं है कि प्रतिरोधक क्षमता जिंदगी भर बनी रहेगी।