
नई दिल्ली। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) से बर्खास्त जवान तेज बहादुर यादव ( Tej Bahadur Yadav ) की याचिका पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) में सुनवाई होनी है। तेज बहादुर ने वाराणसी लोकसभा सीट से निर्वाचन आयोग द्वारा नामांकन-पत्र रद्द किए जाने के खिलाफ सोमवार को कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
मोदी की वजह से रद्द हुआ नामांकन: यादव
यादव ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि उन्हें जानबूझकर चुनाव लड़ने से रोका गया, ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( Narendra Modi ) की वाराणसी ( varanasi lok sabha seat ) से आसान जीत सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा है कि निर्वाचन अधिकारी ने नामांकन पत्र के साथ प्रस्तुत किए गए बर्खास्तगी पत्र पर बिल्कुल ध्यान ही नहीं दिया।
तेज बहादुर ने कोर्ट से मांगी चुनाव लड़ने की अनुमति
याचिका में कहा गया है कि बर्खास्तगी पत्र में बीएसएफ से तेज बहादुर यादव की बर्खास्तगी का कारण बताया गया है। वह कारण कथित अनुशासनहीनता है और भ्रष्टाचार में संलिप्तता या राज्य से दगाबाजी का कोई सबूत नहीं है। यादव ने कोर्ट से आग्रह किया है कि वह निर्वाचन अधिकारी के एक मई के आदेश को खारिज कर उन्हें वाराणसी से चुनाव लड़ने की अनुमति दे।
वाराणसी से मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने की तैयारी
बता दें कि समाजवादी पार्टी ( सपा ) के उम्मीदवार यादव के नामांकन पत्र में कमियों का हवाला देकर निर्वाचन अधिकारी ने उसे खारिज कर दिया गया था। बताया गया कि यादव का नामांकन इसलिए रद्द कर दिया गया, क्योंकि वह इस बात का सबूत नहीं पेश कर सके कि उनकी बर्खास्तगी भ्रष्टाचार के आरोपों पर नहीं हुई थी। यादव ने पहले एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन किया था, लेकिन बाद में सपा ने उन्हें वाराणसी से अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया था।
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