कोरोना वायरस की नई लहर ने देश के सामने बड़ी चुनौतियां पेश की हैं और ऐसे में बने हालात से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को मुख्यमंत्रियों संग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। इस दौरान पीएम मोदी द्वारा कही गईं 10 बड़ी बातें।
नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर से पैदा हुए हालात काफी चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन देश पिछली बार की तुलना में अब ज्यादा मजबूत है। पहले संसाधनों की कमी और वैक्सीन ना होते हुए भी भारत ने कोरोना पर काबू पाने में सफलता हासिल की थी, लेकिन अब देश और ज्यादा सशक्त हो चुका है और इसके लिए गर्वनेंस पर बल देना होगा। पीएम मोदी ने यह बातें गुरुवार को देश के तमाम राज्यों के मुख्यमंत्रियों संग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान कहीं। आइए जानते हैं पीएम मोदी ने इस वीसी के दौरान कौन सी 10 बड़ी बातें कहीं।
1. "आज की समीक्षा में कुछ बातें हमारे सामने स्पष्ट हैं, उन पर हमें विशेष ध्यान देने की जरूरत है। पहला- देश फ़र्स्ट वेव के समय की पीक को क्रॉस कर चुका है, और इस बार ये ग्रोथ रेट पहले से भी ज्यादा तेज है।"
2. "दूसरा- महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, पंजाब, मध्यप्रदेश और गुजरात समेत कई राज्य फ़र्स्ट वेव की पीक को भी क्रॉस कर चुके हैं। कुछ और राज्य भी इस ओर बढ़ रहे हैं। हम सबके लिए ये चिंता का विषय है। ये एक सीरियर कंसर्न है।"
3. "तीसरा- इस बार लोग पहले की अपेक्षा बहुत अधिक कैजुअल हो गए हैं। अधिकतर राज्यों में प्रशासन भी नज़र आ रहा है। ऐसे में कोरोना केसेस की इस अचानक बढ़ोतरी ने मुश्किलें पैदा की हैं।"
4. "इन तमाम चुनौतियों के बावजूद, हमारे पास पहले की अपेक्षा बेहतर अनुभव है, संसाधन हैं, और वैक्सीन भी है।जनभागीदारी के साथ-साथ हमारे परिश्रमी डॉक्टर्स और हेल्थ-केयर स्टाफ ने स्थिति को संभालने में बहुत मदद की है और आज भी कर रहे हैं।"
5. "‘Test, Track, Treat’, Covid appropriate behaviour और Covid Management, इन्हीं चीजों पर हमें बल देना है। आज हम जितनी ज्यादा वैक्सीन की करते हैं, इससे ज्यादा हमें टेस्टिंग पर बल देने की जरूरत है। टेस्टिंग और ट्रेकिंग की बहुत बड़ी भूमिका है। टेस्टिंग को हमें हल्के में नहीं लेना होगा।"
6. "11 अप्रैल को ज्योतिबा फूले जी की जन्मजयंती है और 14 अप्रैल को बाबा साहेब की जन्म जयंती है, उस बीच हम सभी ‘टीका उत्सव’ मनाएं। हमारा प्रयास यही होना चाहिए कि इस टीका उत्सव में हम ज्यादा से ज्यादा लोगों को बिना टीका खराब किए वैक्सीनेट करें। मैं देश के युवाओं से भी आग्रह करूंगा कि आप अपने आसपास जो भी व्यक्ति 45 साल के ऊपर के हैं, उन्हें वैक्सीन लगवाने में हर संभव मदद करें।"
7. "वैक्सीनेशन के साथ साथ हमें ये भी ध्यान रखना है कि वैक्सीन लगवाने के बाद की लापरवाही न बढ़े। हमें लोगों को ये बार-बार बताना होगा कि वैक्सीन लगने के बाद भी मास्क और सावधानी जरूरी है। वैक्सीन को लेकर राज्य सरकारों की सलाह, सुझाव और सहमति से सही देशव्यापी रणनीति बनी है।"
8. "हमने कोरोना की लड़ाई जीती थी, बिना वैक्सीन के। ये भी भरोसा भी नहीं था कि वैक्सीन आएगी या नहीं। आज हमें भयभीत होने की जरूरत नहीं है। हम जिस तरह से लड़ाई को लड़े थे, उसी तरह से फिर से लड़ाई जीत सकते हैं।"
9. "वैक्सीनेशन के साथ साथ हमें ये भी ध्यान रखना है कि वैक्सीन लगवाने के बाद की लापरवाही न बढ़े। हमें लोगों को ये बार-बार बताना होगा कि वैक्सीन लगने के बाद भी मास्क और सावधानी जरूरी है।"
10. "कोरोना की रोकथाम के लिए माइक्रो कंटेनमेंट जोन पर फोकस जरूरी है। दुनिया भर में नाइट कर्फ्यू को स्वीकार किया गया है। अब हमें भी नाइट कर्फ्यू को कोरोना कर्फ्यू के नाम से याद कर लेना चाहिए। एक बार फिर चुनौतीपूर्ण स्थिति बन रही है, हालांकि अभी लॉकडाउन की जरूरत नहीं है।"