HIGHLIGHTS अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ( US President Donald Trump ) ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि चीन ( China ) के प्रति उनके रूख में कोई बदलाव नहीं है और वे आगे भी सख्ती से पेश आएंगे। एरिजोना ( Arizona ) में एक संवाददाता सम्मेलन में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि चीन के साथ कोई बातचीत नहीं होगी। चीन ने जो किया है (कोरोना वायरस संक्रमण) उसके लिए उसे कभी भी माफ नहीं किया जा सकता है।
एरिजोना। अमरीका और चीन ( America China Tension ) के बीच लगातर तल्खियां बढ़ती ही जा रही है। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ( US President Donald Trump ) ने एक बार फिर से चीन को आड़े हाथों लेते हुए करारा हमला बोला है। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि चीन के प्रति उनके रूख में कोई बदलाव नहीं है और वे आगे भी सख्ती से पेश आएंगे।
ट्रंप ने कहा है कि चीन के साथ कोई बातचीत नहीं होगी। एरिजोना ( Arizona ) में एक संवाददाता सम्मेलन में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि चीन जो किया है उसके लिए उसे कभी भी माफ नहीं किया जा सकता है। चीन ने पूरी दुनिया को संकट में डाला है। यह अकल्पनीय है। मैं अभी उनसे बात नहीं करना चाहता।' ट्रंप ने आगे कहा है कि उन्होंने चीन के साथ किसी भी तरह की वार्ता को रद्द कर दिया है।
चीन के खिलाफ ट्रंप हमलावर
आपको बता दें कि कोरोना महामारी ( Coronavirus Epidemic ) को लेकर अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शुरुआती समय से ही चीन पर हमलावर हैं। उन्होंने इससे पहले दुनिया के अलग-अलग मंचों से अलग-अलग मौकों पर और साथ ही कई बार अपने संबोधन में चीन की मुखालफत की है।
ट्रंप शुरू से ही कोरोना महामारी को पूरी दुनिया में फैलाने के लिए चीन को दोषी मानते हैं। उन्होंने कई बार कहा कि चीन ने दुनिया से झूठ बोला है और कोरोना की जानकारी छिपाई है। चीन दुनिया का दुश्मन है। वे कई बार ये कह चुके हैं कि यदि चीन ने समय रहते पूरी दुनिया को जानकारी देते तो इस महामारी को रोका जा सकता था और इसका प्रसार पूरी दुनिया में नहीं होता।
इन मुद्दों पर चीन-अमरीका में बढ़ा तनाव
आपको बता दें कि कोरोना महामारी के अलावा कई ऐसे मुद्दे हैं, जिसको लेकर अमरीका और चीन में तनाव गहरा गया है। साउथ चाइना सी ( South China Sea ) और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की बढ़ती आक्रमाकता के साथ-साथ हांगकांग में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून ( National Security Law in Hong Kong ) को जबरन लागू करने को लेकर अमरीका और चीन के बीच संबंध तल्ख हुए हैं।
अंतर्राष्ट्रीय कानूनों को दरकिनार करते हुए तमाम देशों के विरोध के बावजूद चीन ने हांगकांग में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून को लागू किया है। इसके अलावा दक्षिण चीन सागर में लगातार अपनी दादागिरी को बढ़ाते जा रहा है। साथ ही साथ अपने पड़ोसी देशों के साथ चीन की ओर से सीमा का अतिक्रमण करने पर भी अमरीका भड़का हुआ है।
अमरीका ने चीन के इन हरकतों के लिए कई तरह की कार्रवाई की है और कई तरह के प्रतिबंध लगाए हैं। चीनी कंपनी टिकटॉक को बैन करने के बाद अब ई-कॉमर्स की दिग्गज कंपनी अलीबाबा समेत अन्य कंपनियों पर प्रतिबंधों की पहल हुई। ऐसे में दोनों देशों के बीच लगातार दूरियां बढ़ती जा रही है और आने वाले समय में तल्खियां बढ़ने की संभावना है।