कर्मचारियों के लिए कंपनी में अजीब नियम एक बार से ज्यादा टॉयलेट जाने पर देना पड़ता है जुर्माना चीन की अनपू इलेक्ट्रिक साइंस एंड टेक्नोलॉजी कंपनी की पॉलिसी
नई दिल्ली। कर्मचारियों से ज्यादा काम लेना तो हर कंपनी की पॉलिसी का हिस्सा होता है। इसके लिए कंपनियां अलग-अलग तरह के नियम कायदे और कानून लागू भी करती है। लेकिन सोचिए आप किसी दफ्तर में काम कर रहे हैं। अचानक आपको टॉयलेट जाना है, लेकिन आप जा नहीं सकते। क्योंकि अगर आप एक बार जा चुके हैं तो दूसरी बार या इससे ज्यादा बार जाने पर आपको जुर्माना देना पड़ सकता है। चौंक गए ना आप, लेकिन ये सच है।
दरअसल चीन में एक कंपनी ने अपने कर्मचारियों के लिए अजीब नियम बनाए हैं। इन नियमों के मुताबिक कोई भी कर्मचारी एक बार से ज्यादा शौचालय नहीं जा सकता। अगर वो जाता है उसे जुर्माना भर कर जाने की इजाजत है।
भरना पड़ता है 220 रुपए का जुर्माना
अपने कर्मचारियों से ज्यादा काम लेने के लिए चीन की अनपू इलेट्रिकल कंपनी ने अजीब फरमान जारी किया है। इस कंपनी की पॉलिसी के मुताबिक कोई भी कर्मचारी एक से ज्यादा बार टॉयलेट जाता है तो उसे 20 युआन यानी 3 डॉलर जबकि भारतीय रुपयों के मुताबिक 220 रुपए का जुर्माना देना होगा।
दरअसल कंपनी ने टॉयलेट ब्रेक की पॉलिसी को अपनाया है। इसके तहत जो भी कर्मचारी एक से ज्यादा बार टॉयलेट जाना चाहता है उसे अपने बॉस के पास रजिस्टर करा के ही जाना पड़ता है।
ये है कंपनी का तर्क
इस पॉलिसी को लेकर कंपनी का खास तर्क है। कंपनी का कहा है कि कई कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों और काम से बचने के लिए अधिक टॉयलेट ब्रेक लेने लगे थे। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि हम ऐसा करने के लिए मजबूर हैं क्योंकि कंपनी के कर्मचारी आलसी हैं।
वो अपने काम से बचते रहते हैं। कंपनी ने कर्मचारियों से भी इस बारे में कई बार बात की है मगर उन्हें कोई सकारात्मक बदलाव देखने को नहीं मिला।
कंपनी का मानना है कि लोगों को काम ना करने के लिए नौकरी से निकालने से बेहतर विकल्प है कि उनसे जुर्माना लिया जाए।
बोनस से कटता है जुर्माना
जो लोग एक से अधिक बार टॉयलेट जाते हैं उनसे जुर्माना उसी वक्त चुकाने के लिए नहीं कहा जाता है बल्कि वो उनके मासिक बोनस से काटा जाता है।
कंपनी की हो रही आलोचना
कंपनी ने जो नोटिस जारी किया था उसे कुछ कर्मचारियों ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। उसके बाद कंपनी के खिलाफ लोगों ने नाराजगी जाहिर करना शुरू कर दिया।
कंपनी ने इस हरकत के बाद 7 कर्मचारियों को 20 और 21 दिसंबर को निकाल दिया था। सोशल मीडिया पर कंपनी के इस नियम की आलोचना हो रही है।