
दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली के एक अस्पताल में पिछले करीब दो हफ्तों में 12 बच्चों की मौत होने से हड़कंप मचा हुआ है। किंग्सवे कैम्प स्थित महर्षि वाल्मीकि संक्रामक अस्पताल में हुई इन मौतों पर मृतक बच्चों के परिजन अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। वहीं शनिवार को दिल्ली नगर निगम ने जांच के आदेश दिए हैं। उत्तरी दिल्ली नगर निगम के महापौर आदेश गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया है कि जांच के लिए अतिरिक्त आयुक्त की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है, जो तीन दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट देगी। जांच रिपोर्ट में जिसकी भी गलती सामने आएगी उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, साथ ही उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने गलती मान ली है। महर्षि वाल्मीकि अस्पताल में इलाज के लिए न तो बच्चों को सुविधाएं मिलीं और न ही एंटी डिप्थीरिया सीरम। बता दें कि मेयर आदेश कुमार गुप्ता ने शुक्रवार को महर्षि वाल्मीकि अस्पताल का दौरा किया था। अभी भी वहां तीन-चार बच्चे ऐसे हैं, जिनकी हालत गंभीर है। इस पर मेयर ने अस्पताल प्रशासन को 12 घंटे के अंदर इन बच्चों को एंटी डिप्थीरिया सीरम मुहैया करवाने के आदेश दिए हैं।
डिप्थीरिया की वजह से हुईं मौत
मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, 6 से 19 सितंबर तक कुल 12 बच्चों की मौत डिप्थीरिया के कारण हुई है। महर्षि वाल्मीकि अस्पताल में 11 और लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल में 1 बच्चे की मौत हुई। हाल फिलहाल डिप्थीरिया से पीड़ित लगभग 300 बच्चे अस्पताल में भर्ती है। बता दें कि इन सभी बच्चों के परिवार दिल्ली से बाहर के रहने वाले हैं। पीड़ित बच्चों के परिवार वालों ने बताया है कि अस्पताल में डिप्थीरिया की वैक्सीन नहीं है जिसका मूल्य करीब 10 हजार रुपए है। इसकी कारण से मरीजों को वैक्सीन बाहर से लानी पड़ रही है.