
नई दिल्ली। भारत में हाल के दिनों में पत्रकारों, कार्यकर्ताओं और राजनेताओं की फोन टैपिंग का मामला सामने आया है। इस मामले में अंतरराष्ट्रीय आलोचना झेल रही पेगासस स्पाइवेयर की निर्माता कंपनी एनएसओ ग्रुप का कहना है कि फोन हैकिंग के मामले में पूरा दोष ग्राहको का है। कंपनी का कहना है कि अगर किसी ग्राहक ने सिस्टम का दुरुपयोग करने का फैसला किया, तो वह अब ग्राहक नहीं रहेगा। सभी गलती ग्राहकों की है और उन पर ही उंगली उठनी चाहिए।
उन 50 हजार फोन नंबर की जांच शुरू हो चुकी है जिसे कथित तौर पर पेगासस स्पाइवेयर ने हैक करा था। पैगासस आईफोन और एंड्रॉयड उपकरण को हैक कर लेता है। इसके बाद बाद उसे ऑपरेटरों के सभी संदेश, फोटो और ईमेल, कॉल रिकॉर्ड और कैमरों पर उसका नियंत्रण हो जाता है।
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन को हैक करने की कोशिश
एनएसओ समूह के अनुसार हमारा सॉफ्टवेयर अपराधियों और आतंकवादियों के खिलाफ उपयोग के लिए है और अच्छे मानवाधिकार रिकॉर्ड वाले देशों को केवल सैन्य, कानून प्रवर्तन और खुफिया एजेंसियों को लेकर उपलब्ध कराया गया है। मगर कंपनी की दलील के उलट फ्रांसीसी मीडिया आउटलेट फॉरबिडन स्टोरीज के नेतृत्व में संगठनों के एक संघ ने जो हैक किए नंबरों की जो सूची प्रकाशित की। उसके मुताबिक कंपनी के पास फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन का नंबर था और आरोप है कि उन्हें भी निशाना बनाया जा सकता था।