
नई दिल्ली। सीरिया के खिलाफ अमरीका, फ्रांस और ब्रिटेन ने संयुक्त रूप से बमबारी शुरू कर दी है। खुद गृह युद्ध की आग में धधक रहे सीरिया पर अमरीका लगातार मिसाइलें गिरा रहा है। इस बड़ी सैन्य कार्रवाई के जवाब में सीरिया की असद सरकार ने भी अमरीका को जवाब देते हुए एंटी गाइडेड मिसाइलें लॉन्च करनी शुरू कर दी है।
सीरिया ने भी शुरु किया काउंटर अटैक
अमरीकी हमले के कुछ देर बाद सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद के हवाले से एक ट्वीट में कहा गया कि अच्छी आत्माओं को दबाया नहीं जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सीरिया ने दावा किया है कि उसने मुल्क की ओर बढ़ने वाली अमरीका की 13 मिसाइलों को बर्बाद कर दिया है।
तबाह हुआ दमिश्क साइंस रिसर्च सेंटर
सीरिया के खिलाफ संयुक्त ऑपरेशन में अमरीका ने सबसे पहले राजधानी दमिश्क में हवाई हमले शुरू किए हैं। बताया जा रहा है कि दमिश्क के साइंस रिसर्च सेंटर को अमरीकी मिसाइलों ने तबाह कर दिया है। राजधानी और आसपास के इलाकों में धमाकों की आवाज सुनाई दे रही है। सोशल मीडिया पर अंधेरे में गिरते मिसाइलों के कई वीडियो शेयर किए जा रहे हैं।
एक साल दूसरी बार अमरीका ने किया हमला
वाशिंगटन पोस्ट के मुताबिक, यह एक साल में दूसरा मौका है जब अमेरिका ने सीरिया की असद सरकार के खिलाफ बलप्रयोग किया है। ट्रंप ने शुक्रवार शाम को देश को संबोधित करते हुए इस हमले का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि हमारी इस कार्रवाई का उद्देश्य रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल, प्रसार और उत्पादन पर अंकुश लगाना है। ट्रंप ने कहा कि जब तक हमारा उद्देश्य पूरा नहीं हो जाता हम हर तरह की प्रतिक्रियात्मक कार्रवाई के लिए तैयार हैं। ट्रंप ने सीरिया की असद सरकार के समर्थक देशों रूस और ईरान से अपनी नीतियों में बदलाव करने को भी कहा है।
केमिकल अटैक में मारे गए थे 74 लोग
बता दें कि पिछले हफ्ते पूर्वी गोता के दोउमा में कथित रूप से सीरिया द्वारा केमिकल अटैक किया गया था। इस हमले में बच्चों सहित 74 लोग मारे गए थे, जबकि करीब 500 लोग इसकी चपेट में आए थे। दुनिया भर में इसकी कड़ी निंदा हुई थी। इसी के बाद अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले के लिए सीरियाई सरकार को दोषी ठहराते हुए सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी थी। ट्रंप ने कहा था कि इस केमिलकल हमले में सीरिया के साथ रूस और ईरान भी शामिल हैं।