HIGHLIGHTS चीनी मीडिया और अधिकारियों ने अमरीका ( America ) के विभिन्न शहरों में हो रहे व्यापक उग्र प्रदर्शन को लेकर अमरीका पर कई तरह के सवाल खड़े किए हैं। चीन ( China ) ने साफ शब्दों में कहा कि हांगकांग ( Hong Kong ) को लेकर अमरीका को काफी चिंता है, लेकिन उनके अपने यहां सड़कों पर क्या हो रहा है उसपर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।

वाशिंगटन। अमरीका ( America ) और चीन ( China ) अब हर मुद्दे पर खुलकर आमने-सामने आ गए हैं। दोनों की ओर से ताबड़तोड़ बयानबाजी हो रही है। साथ ही एक-दूसरे को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर घेरने के लिए हर मुमकिन कोशिश में जुटे हैं। जहां एक ओर अमरीका चीन को घेरने के लिए हांगकांग ( Hong Kong ) में हो रहे प्रदर्शनों को मुद्दा उठा रहा है तो वहीं अब चीन अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड ( Black George Floyd ) की मौत के विरोध में लगातार कई शहरों में हो रहे व्यापक प्रदर्शन ( Protest In America ) को लेकर अमरीका को कटघरे में खड़ा कर रहा है।
चीनी मीडिया और अधिकारियों ने अमरीका के विभिन्न शहरों में हो रहे व्यापक उग्र प्रदर्शन को लेकर अमरीका पर कई तरह के सवाल खड़े किए हैं। चीन ने यह कदम तब उठाया है जब अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ( US President Donald Trump ) ने हांगकांग को लेकर चीन की तीखी आलोचना की।
चीन ने अमरीका के कई शहरों में हो रही हिंसा, इमारतों को जलाते प्रदर्शनकारी, लूटपाट, पुलिस की कठोर कार्रवाई आदि को लेकर ट्रंप प्रशासन को घेरना शुरू किया और कहा कि पश्चिमी लोकतंत्र नियमित रूप से अराजक और असहमत हैं, जिसे हम मुख्य भूमि में कभी भी अनुमति नहीं देंगे।
इस संदर्भ में चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ( foreign ministry spokeswoman Hua Chunying ) ने अमरीकी विदेश विभाग की प्रवक्ता मॉर्गन ऑर्टगस ने एक ट्वीट में 'लोगों से हांगकांग के इलाज के बारे में कम्युनिस्ट पार्टी के खिलाफ खड़े होने का आग्रह किया था, उसपर रिट्वीट करते हुए लिखा, 'मैं सांस नहीं ले सकता- जो कि फ्लॉयड के अंतिम शब्द थे।'
चीन ने साफ शब्दों में कहा कि हांगकांग को लेकर अमरीका को काफी चिंता है, लेकिन उनके अपने यहां सड़कों पर क्या हो रहा है उसपर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। पुलिस कस्टडी में एक अश्वेत की मौत के बाद सड़कों पर लोग उतर कर किस तरह से हिंसक विरोध कर रहे हैं।
चीन ने अमरीका पर दोहरे मापदंड का लगाया आरोप
चीनी विदेश मंत्रालय ने अमरीका पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। सोमवार को चीनी विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाते हुए कहा कि जिस तरह से हांगकांग में स्वतंत्रता की आवाज उठाकर हिंसक विरोध प्रदर्शन करने वाले तत्वों को नायक व सेनानी बताता है, जबकि ठीक इसके उल्ट अपने यहां नस्लीय भेदभाव को लेकर विरोध करने वालों से एक दंगाई की तरह निपटता है।
आगे यह भी कहा कि हांगकांग पुलिस ( Hong Kong Police ) की कार्रवाई पर अमरीका उंगली उठाता है, लेकिन अपने यहां प्रदर्शनकारियों के खिलाफ नेशनल गार्ड तैनात कर देता है और उसकी कार्रवाई पर आंखें मूंद लेता है। बता दें कि अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड की पुलिस कस्टडी में मौत का वीडियो वायरल हो गया, जिसके बाद से अमरीकी पुलिस कटघरे में खड़ी है।
चीन के तमाम मीडिया प्लेटफॉर्म और ट्विटर पर सोमवार सुबह तक 'US निवासियों के घरों में नेशनल गार्ड की गोलीबारी' और हैशटैग ' US Riots' के साथ ट्रोल हो गया। इसे 1.36 बिलियन लोगों ने देखा। अमरीकी हिंसा को लेकर एक वीडियो लिंक ‘THUGS & HEROES HYBCRCRY' शब्दों के साथ ट्वीट किया। इसके जरिय यह बताने की कोशिश की है कि हांगकांग को लेकर अमरीका दोहरा मापदंड अपना रहा है।