
रामपुर। जम्मू-कश्मीर में बीजेपी-पीडीपी गठबंधन टूट चुका है महबूबा मुफ्ती ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है और अब राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हो गया है। लेकिन अचानक बीजेपी के इस फैसले ने राजनीति गलियारों में हलचल मचा दी है। जहां एक ओर विपक्ष सरकार के फैसले पर हैरान है वहीं निशाना साधने का भी कोई मौका नहीं छोड़ रहा है। ऐसे में सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान भला कैसे पीछे रहते। केंद्र के इस फैसले पर सवाल उठाते हुए आजम खान ने बीजेपी को अवसरवादी करार दिया और कहा कि जब जवानों को सिर काटे गए तब बीजेपी ने क्यों नहीं गठबंधन तोड़ा।
आजम खान ने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि बीजेपी को आगामी लोकसभा चुनाव तक पीडीपी के साथ रहना चाहिए था। समर्थन वापसी का यह समय ठीक नहीं था। भाजपाइयों ने 3 साल तक कश्मीर में खूब मौज मनाई और अब जब लोकसभा चुनाव में महज 6 महीने बचे हैं, तो लोगों को ठगने के लिए उन्हें देशभक्ति की याद आ गई। आजम खान ने इसे चुनावी स्टंट बताया।
वहीं कश्मीर में आतंकियों के ढाल बन रहे पत्थरबाजों को लेकर आजम खान ने कहा कि केंद्र और राज्य में सरकार भाजपा की थी तो शिकायत किससे कर रहे हैं। इतना ही नहीं सपा नेता ने तो शहीद जवान औरंगज़ेब के घर आर्मी चीफ के दौरे पर ही सवाल खड़े कर दिए और कहा कि बार्डर पर रोज़ सैनिक मारे जाते है, लेकिन आर्मी चीफ तो क्या सेना का कोई छोटा अफसर भी उनके घर नहीं जाता है। आजम ने इसे दूसरे शहीदों के लिए अपमान बताया।