एक ठग ने सीएमओ से मेडिकल लाइसेंस बनवाने के नाम पर एक व्यक्ति से 35 हजार रुपये ठग लिए।
मुरादाबाद: जनपद में लचर स्वास्थ्य सेवाओं का हाल किसी से छिपा नहीं है। जिसका फायदा अब विभाग के लापरवाह अधिकारीयों की अनदेखी के चलते असामाजिक तत्व और दलाल उठा रहे हैं। कुछ ऐसा ही मामला आज संयुक्त जिला चिकित्सालय में सामने आया है। यहां एक ठग ने सीएमओ से मेडिकल लाइसेंस बनवाने के नाम पर एक व्यक्ति से 35 हजार रुपये ठग लिए। जब व्यक्ति को ठगी का एह्सास हुआ तो आरोपी व्यक्ति वहां से फरार हो गया। पीड़ित व्यक्ति इसकी शिकायत लेकर एसीएमओ डॉ डी के प्रेमी के पास पहुंचे जहां उन्होंने जांच कर कार्यवाही की बात कही है। वहीँ जानकारी ये भी आ रही है कि कुछ दलाल अधिकारीयों के नाम पर ग्रामीण क्षेत्र के झोलाछाप डाक्टरों से रकम ऐंठते हैं।
शिकायतकर्ता कुंदरकी थाना क्षेत्र में वसीम अपना क्लिनिक चलता है। एक दिन इरशाद उसके पास आ कर कहता है कि वह मुख्य चिकित्सा अधिकारी के यहां से आया है, और तुम्हारा क्लिनिक का लाइसेंस नही है। जिसपर वसीम ने इरशाद से कहा कि वह मेडिकल लाइसेंस के लिए आवेदन करना चाहता है। किस प्रकार लाइसेंस बनेगा और क्या खर्चा आएगा। इरशाद ने कहा कि मेडिकल लाइसेंस बनवाने में सवा लाख रुपये का खर्चा आएगा। वसीम ने इरशाद को लाइसेंस बनवाने के लिए 6 महीने में करीब 90 हज़ार रुपए दे दिये। बाकी रुपये देने के लिए पिछले दो दिन से फोन कर रहा था। वसीम पर रुपये का इंतज़ाम नही था। वसीम ने मुरादाबाद अपने दोस्त अनिल को से रुपये उधार मांगे। अनिल ने जब रुपये लेने का कारण पूछा तो वसीम ने पूरी बात अनिल को बतायी। अनिल ने वसीम से कहा कि अब रुपये मत देना और इरशाद से कहो कि मुझसे आकर रुपये ले ले। आज सुबह इरशाद अनिल से रुपये लेने सिविल लाइन सीओ ऑफिस के सामने अग्रवाल भोजनालय पर आ गया।
अनिल ने उसको पैतीस हजार रुपये दीये ओर उसकी रशीद मांगी जिसपर इरशाद ने रशीद देने से मना कर दिया और कहा कि भरोसा रखो काम हो जाएगा। अनिल ने अपने साथी की मद्दत से उसकी पूरी वीडियो बना ली। वीडियो बनता देख इरशाद रुपये लेकर वहां से फरार हो गया। जब वीडियो के साथ अनिल अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डीके प्रेमी से मिले तो उन्होंने बताया कि यह व्यक्ति हमारे यहा नोकरी नही करता है। यह बाहर का व्यक्ति है। लेकिन जब वीडियो को स्टाफ के लोगो को दिखायी तो उन्होंने बताया कि यह व्यक्ति यहा मेडिकल बनवाने के लिए अक्सर आता जाता रहता है। अनिल ने इरशाद के खिलाफ सिविल लाइन थाने में तहरीर दी है और सीएमओ से भी कहा कि आपके नाम से अवैध वसूली करता है तो आप भी मुकद्दमा दर्ज कराए।
यहां बता दें कि अस्पताल के अधिकारीयों पर पहले भी इसी तरह से झोलाछाप डाक्टरों से वसूली के आरोप लगते रहे हैं। लेकिन दलालों से गठजोड़ के चलते कोई कार्यवाही नहीं हुई। लेकिन आज इस वीडियो ने स्वास्थ्य विभाग की कलई जरुर खोल दी है।