मुरादाबाद

Moradabad News: दहेज में कार ना मिलने पर नवविवाहिता को पिला दिया तेजाब, जानिए पूरा मामला

Moradabad Crime: मुरादाबाद में दहेज की मांग को लेकर एक नवविवाहिता की मौत ने सभी को झकझोर दिया है। आरोप है कि कार की मांग पूरी न होने पर ससुराल पक्ष ने महिला को तेजाब पिला दिया, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

4 min read
dowry death moradabad newlywed acid case husband arrested
मुरादाबाद की दिल दहला देने वाली घटना

Dowry Death Moradabad:मुरादाबाद में दहेज उत्पीड़न का एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। थाना मझोला क्षेत्र के सम्राट अशोक नगर में एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि दहेज में कार की मांग पूरी नहीं होने पर उनकी बेटी को लगातार प्रताड़ित किया गया और आखिरकार उसे तेजाब पिलाकर मौत के घाट उतार दिया गया। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पति और ससुर को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

चार साल पहले शुरू हुआ था वैवाहिक जीवन

जानकारी के अनुसार उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले के जसपुर थाना क्षेत्र निवासी रोहित की बहन अंजली की शादी लगभग चार वर्ष पहले मुरादाबाद निवासी रोहन के साथ हुई थी। शादी के समय परिवार ने अपनी क्षमता के अनुसार उपहार और दान-दहेज दिया था। परिजनों का आरोप है कि विवाह के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष ने अतिरिक्त दहेज की मांग शुरू कर दी। विशेष रूप से कार की मांग को लेकर अंजली पर लगातार दबाव बनाया जाता था। जब यह मांग पूरी नहीं हुई तो उसके साथ मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न का सिलसिला बढ़ता चला गया।

बेटी के जन्म के बाद भी नहीं बदले हालात

मृतका के भाई का कहना है कि शादी के बाद अंजली ने एक बेटी को जन्म दिया था। परिवार को उम्मीद थी कि बच्चे के जन्म के बाद रिश्तों में सुधार आएगा और ससुराल पक्ष का व्यवहार बदल जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। आरोप है कि पति रोहन, ससुर सुरेश, सास भोली और ननदें कंचन, दिया तथा पलक लगातार उसे परेशान करती रहीं। दहेज की मांग को लेकर आए दिन विवाद होते थे और अंजली को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता था।

दोपहर में हुई घटना ने सबको झकझोर दिया

पीड़ित परिवार की ओर से दी गई तहरीर के मुताबिक 17 जून की दोपहर करीब डेढ़ बजे अंजली के साथ बेहद गंभीर घटना हुई। आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोगों ने उसे पकड़ लिया और जबरन तेजाब पिला दिया। तेजाब पीने के बाद उसकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी। बताया जाता है कि घटना के बाद आसपास के लोगों को इसकी जानकारी हुई, जिसके बाद मायके पक्ष को सूचना दी गई। खबर मिलते ही परिजन घबराए हुए मुरादाबाद पहुंचे और अंजली को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

अस्पताल में चली जिंदगी बचाने की जंग

गंभीर रूप से घायल अंजली को दिल्ली रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए। तेजाब के कारण उसके शरीर के अंदरूनी हिस्सों को गंभीर नुकसान पहुंचा था। अस्पताल में कई घंटे तक उसका इलाज चलता रहा, लेकिन उसकी हालत लगातार नाजुक बनी रही। परिवार के लोग अस्पताल में उसकी जिंदगी बचने की उम्मीद लगाए बैठे रहे, मगर देर रात इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। उसकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।

पुलिस पहुंची तो भागने की कोशिश का आरोप

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी सक्रिय हो गए। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि पुलिस के अस्पताल पहुंचने से पहले पति और ससुर वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी के बाद उनसे पूछताछ की जा रही है और मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है।

छह ससुरालियों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा

पुलिस ने बताया कि मृतका के भाई की शिकायत के आधार पर पति रोहन, ससुर सुरेश, सास भोली और ननदें कंचन, दिया तथा पलक सहित कुल छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने पति और ससुर को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पर टिकी नजरें

पुलिस ने मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के निष्कर्ष इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। पुलिस दहेज हत्या समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमे की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि घटना के समय घर में कौन-कौन मौजूद था और किन परिस्थितियों में यह घटना हुई।

न्याय की उम्मीद में मायके पक्ष

अंजली की मौत के बाद उसका परिवार पूरी तरह टूट चुका है। चार साल पहले जिस बेटी को खुशी-खुशी विदा किया गया था, आज वही बेटी मौत के रूप में वापस लौटी है। परिजन दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते दहेज उत्पीड़न पर रोक लगाई जाती तो शायद अंजली आज जिंदा होती। अब पूरे मामले में पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। परिवार को उम्मीद है कि दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी और उनकी बेटी को न्याय मिलेगा।

Updated on:
20 Jun 2026 11:49 am
Published on:
20 Jun 2026 11:40 am