मुरादाबाद

कर्नाटक हलाल मामले ने पकड़ा राजनीतिक तूल सपा सांसद ने बीजेपी को घेरा

कर्नाटक हिजाब मामले के बाद अब नया मामला कर्नाटक हलाल को लेकर है। यह मामला अब राजनीतिक रंग ले रहा है। समाजवादी पार्टी से मुरादाबाद सांसद डॉक्टर एसटी हसन ने इस मामले को लेकर भाजपा पर तंज कसते हुए कहा है कि क्या अब बीजेपी तय करेगी कि लोग क्या खरीदेंगे और किससे खरीदेंगे ?
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मुरादाबाद। कर्नाटक में चल रहे हिजाब विवाद के बाद अब कर्नाटक हलाल मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सिटी रवि ने इस मामले को लेकर हिंदुओं से अपील की है कि वह हलाल मांस का बहिष्कार करें और इसे आर्थिक जिहाद भी बताया है।

सिटी रवि के इस बयान के बाद इस पूरे मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी भी इस मामले में कूद पड़ी हैं। समाजवादी पार्टी के मुरादाबाद से सांसद डॉक्टर एसटी हसन ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर एक तंज कसते हुए कहा है कि इस देश में क्या अब भाजपा तय करेगी कि कौन क्या खरीदेगा और किससे खरीदेगा ? उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा मुख्य मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाना चाहती है इसिलिए इस तरह के मामले उठाए जा रहे हैं।


जानिए क्या है पूरा प्रकरण
पूरा मामला कर्नाटक से शुरू हुआ है। कर्नाटक में मंदिरों और धर्म स्थलों के समीप मुस्लिम व्यापारियों के सामान बेचने पर पाबंदी लगा दी गई है। इतना ही नहीं अब इस मामले के तूल पकड़ने के बाद कुछ हिंदू संगठन हिंदुओं से अपील कर रहे हैं कि वह मुस्लिम दुकानदारों से हलाल मीट ना खरीदें। अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर हिंदुओं से मीट खरीदने और ना खरीदने के बात क्यों की जा रही है तो इसको समझने के लिए हम आपको बता दें कि कर्नाटक में उगाड़ी त्यौहार मनाया जाता है। इस त्यौहार में हिंदू देवी देवताओं को मांस चढ़ाया जाता है। यह परंपरा लंबे समय से चलती आ रही है। कनार्टक के मैसूर, रामनगर और मांड्या जिलों में यह परंपरा आज भी प्रचलित है। ऐसे में अब हिंदू संगठन लोगों से अपील कर रहे हैं कि वह मुस्लिम समुदाय के लोगों से मांस ना खरीदें। इसी को लेकर यह मामला अब तूल पकड़ रहा है और राजनीतिक रंग ले रहा है। भाजपाई इसे आर्थिक इतिहास बता रहे हैं हिंदू संगठन इसे आर्थिक जिहाद बता रहे हैं। उधर हिंदू जनजागृति समिति के प्रवक्ता मोहन घोड़ा का इस पूरे मामले पर कहना है कि मुस्लिम दुकानों पर मिलने वाला मीट धर्मनिष्ठ नहीं होता। इसलिए इसे इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। मुस्लिम व्यापारियों द्वारा भेजा गया मीट देवी-देवताओं पर नहीं चढ़ाया जा सकता। इनके द्वारा भेजा गया मीट जिसे यह हलाल मीट कहते हैं वह धार्मिक स्थल में इस्तेमाल नहीं हो सकता। अब इस पूरे मामले में कर्नाटक बीजेपी की ओर से एक नई बहस शुरू हो गई है। मामला यूपी तक जा पहुंचा है। अब मुरादाबाद से सपा सांसद भी इस बहस में कूद पड़े हैं।

Updated on:
30 Mar 2022 08:24 pm
Published on:
30 Mar 2022 08:21 pm
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