
Girl rape murder UP Crime: यूपी के मुरादाबाद जिले के कांठ थाना क्षेत्र में 22 सितंबर को मिले एक अज्ञात शव ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में पता चला कि यह शव एक मानसिक रूप से कमजोर नाबालिग किशोरी का था, जिसके साथ पहले दुष्कर्म और फिर बेरहमी से हत्या कर दी गई। इसके बाद शव की पहचान छिपाने के लिए यहां लाकर फेंक दिया गया था।
उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के कुंडा थाना क्षेत्र से यह किशोरी 10 सितंबर को अचानक घर से गायब हो गई थी। उसकी मां ने 29 सितंबर को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। महिला मजदूरी करके परिवार पाल रही थी और उसका पति परिवार को पहले ही छोड़कर जा चुका था। चार बच्चों की जिम्मेदारी उठाने वाली मां को बेटी के लापता होने से गहरा सदमा लगा।
पुलिस ने मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले और पड़ोसियों से पूछताछ की। इसी दौरान शक की सुई ग्राम लालपुर निवासी इमरान और मीनाक्षी पर गई। पूछताछ के दौरान मीनाक्षी टूट गई और उसने जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसने किशोरी को लालच देकर अपने साथ ले आई और फिर रिश्तेदार शीला के घर पंहुचा दिया।
मीनाक्षी ने कबूल किया कि पांच दिन तक किशोरी को काशीपुर में रखा गया। इसके बाद अन्य आरोपियों के साथ मिलकर उसे मुरादाबाद लाया गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया। जब वह घर जाने की जिद करने लगी तो पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने उसकी हत्या कर दी और शव को फेंक दिया।
पुलिस ने इस वारदात में शामिल मीनाक्षी, शीला, इमरान, इस्लाम और असगर उर्फ नन्हे को गिरफ्तार किया है। पांचों आरोपी गरीब परिवारों से आते हैं और मजदूरी करते हैं। जांच से यह भी सामने आया कि आरोपी उसी मोहल्ले में रहते थे जहां पीड़िता अपनी मां और भाई-बहनों के साथ किराए के मकान में रहती थी।
आरोपियों ने वारदात छिपाने की साजिश के तहत पीड़िता के परिवार को धमकाया कि वे किराए के मकान पर बिना सत्यापन के रह रहे हैं, अगर शिकायत करेंगे तो जुर्माना भरना पड़ेगा। गरीबी और डर के चलते परिवार पहले पुलिस नहीं गया और खुद ही बेटी की तलाश करता रहा।
19 सितंबर को किशोरी की हत्या के बाद, 22 सितंबर को जब पुलिस ने शव बरामद किया, तब तक उसकी पहचान नहीं हो सकी। कोई सामने न आने पर शव का अंतिम संस्कार अज्ञात में कर दिया गया। बाद में कुंडा पुलिस की तहरीर मिलने और जांच आगे बढ़ने पर मुरादाबाद पुलिस ने पुष्टि की कि शव उसी गुमशुदा किशोरी का था। दुर्भाग्य यह रहा कि परिजन अपनी बेटी को आखिरी बार देख तक न पाए।