
UP Rain Thunder Lightning:उत्तर प्रदेश में इस समय पड़ रही भीषण गर्मी और लू ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है, लेकिन अब मौसम करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 28 अप्रैल से प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम तेजी से बदलने लगेगा। जहां एक ओर आंधी, बारिश और मेघगर्जन की संभावना है, वहीं दूसरी ओर कुछ इलाकों में लू का असर अभी भी बना रहेगा। ऐसे में प्रदेश में एक साथ गर्मी और राहत देने वाले मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा।
मौसम विभाग के अनुसार, 28 अप्रैल को मुरादाबाद, अमरोहा, सहारनपुर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, रामपुर, बुलंदशहर, बदायूं, औरैया, आगरा, मथुरा, जालौन, फिरोजाबाद, बलरामपुर और संभल समेत कई जिलों में बारिश होने की संभावना जताई गई है। लंबे समय से झुलसा देने वाली गर्मी झेल रहे लोगों के लिए यह खबर राहत भरी हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर बुंदेलखंड तक बादलों की आवाजाही बढ़ेगी और कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है।
प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाओं का असर भी देखने को मिलेगा। अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। इन हवाओं के चलते तापमान में गिरावट आ सकती है, लेकिन साथ ही नुकसान की आशंका भी बनी रहेगी।
बारिश के साथ बिजली गिरने का खतरा भी बढ़ गया है। सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, अमरोहा, संभल, बदायूं, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और वज्रपात की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने इन इलाकों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
मौसम विभाग का कहना है कि 29 और 30 अप्रैल को मौसम और अधिक सक्रिय हो जाएगा, जिससे बारिश का दायरा और बढ़ सकता है। प्रदेश के कई हिस्सों में 2 मई तक आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। इस बदलाव से तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को भीषण गर्मी से काफी हद तक राहत मिल सकती है।
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की है। वज्रपात के दौरान खुले मैदान या पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। तेज हवाओं के कारण कच्चे मकान और टिन शेड को नुकसान पहुंच सकता है, इसलिए जरूरी सामान और पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखने के निर्देश दिए गए हैं।