
CJP Protest:दिल्ली में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था, आवाजाही पर पाबंदियों और प्रदर्शनकारियों को रोकने की कथित कोशिशों पर सवाल उठाए। दिपके ने साफ कहा कि अगर उन्हें गिरफ्तार किया जाता है, तो भी वे पीछे नहीं हटेंगे। उनके मुताबिक, उनकी लड़ाई देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव तथा लोकतंत्र की रक्षा के लिए है।
अभिजीत दिपके ने सवाल उठाया कि विरोध प्रदर्शन को देखते हुए रेलवे सेवाओं, मेट्रो, इंटरनेट और सड़कों पर पाबंदियां लगाने की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में सुरक्षा के लिए जम्मू-कश्मीर से सेना और नक्सल प्रभावित इलाकों से CRPF के जवानों को भी तैनात किया गया है।
दिपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए पूछा कि क्या सरकार अपने ही नागरिकों के विरोध से इतनी चिंतित है? उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का जिक्र करते हुए भी सवाल किया कि आखिर इस प्रदर्शन को लेकर इतनी सख्ती क्यों की जा रही है।
CJP संस्थापक ने आरोप लगाया कि लोगों को विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने की कोशिश की जा रही है। उनका दावा है कि कुछ सोसायटियों में घोषणाएं कर लोगों को प्रदर्शन से दूर रहने की चेतावनी दी जा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस लोगों के घरों तक पहुंचकर उन्हें प्रदर्शन में शामिल नहीं होने के लिए कह रही है।
दिपके ने संविधान के अनुच्छेद 19 का हवाला देते हुए कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना नागरिकों का अधिकार है। उनका कहना है कि लोकतंत्र में सरकार के फैसलों से असहमति जताने और विरोध दर्ज कराने की जगह होनी चाहिए।
दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने पर गिरफ्तारी या हिरासत में लिए जाने की आशंका को लेकर पूछे गए सवाल पर दिपके ने कहा कि अगर पुलिस उन्हें गिरफ्तार करना चाहती है, तो वह ऐसा कर सकती है। उन्होंने UAPA और NSA जैसे कानूनों के तहत कार्रवाई की आशंका का जिक्र करते हुए कहा कि इससे उनकी लड़ाई नहीं रुकेगी।
इसी बीच, CJP की ओर से प्रधानमंत्री मोदी पर एक और हमला किया गया। संगठन ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही सरकार ने हार मान ली है। बयान में कहा गया कि प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई और दिल्ली में पाबंदियां लगाना मजबूत नेतृत्व नहीं, बल्कि जनता के विरोध को लेकर चिंता दिखाता है।
हालांकि, सरकार की मंशा और पाबंदियों के पीछे की वजह को लेकर लगाए गए ये आरोप CJP का पक्ष हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि प्रस्तावित प्रदर्शन के दौरान प्रशासन का क्या रुख रहता है और प्रदर्शनकारी अपनी मांगें किस तरह सामने रखते हैं।