Mumbai Malad Clash: हिंसा के बाद से ही संतोष नगर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
मुंबई के मलाड पूर्व स्थित दिंडोशी इलाके में रविवार रात एक शोभायात्रा के दौरान दो गुटों के बीच भीषण हिंसक झड़प हो गई। संतोष नगर इलाके में हुई इस घटना ने पूरे क्षेत्र में तनाव पैदा कर दिया है। इस हिंसा में बजरंग दल के तीन सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका इलाज अस्पताल में जारी है। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए 10 लोगों को गिरफ्तार किया है और आरोपियों से जुड़े अवैध निर्माणों पर बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत शोभायात्रा के दौरान तेज आवाज में धार्मिक गीत बजाने को लेकर शुरू हुई थी। देखते ही देखते बहस ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों गुटों के बीच मारपीट शुरू हो गई। चश्मदीदों और पुलिस के मुताबिक, इस झड़प में तलवारों और लोहे की छड़ों जैसे हथियारों का भी इस्तेमाल किया गया। इस हमले में बजरंग दल के तीन कार्यकर्ता बुरी तरह घायल हो गए, जिन्हें तुरंत जोगेश्वरी के ट्रॉमा केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए अब तक 10 दंगाइयों को गिरफ्तार कर लिया है। इन सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
हिंसा के अगले ही दिन सोमवार को बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने इलाके में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई उन 'अवैध' निर्माणों पर की गई है, जिनके खिलाफ पहले से शिकायतें लंबित थीं। ये निर्माण दंगों में शामिल आरोपियों से जुड़े हुए हैं।
एआईएमआईएम (AIMIM) प्रवक्ता वारिस पठान ने इस कार्रवाई को असंवैधानिक करार देते हुए प्रशासन पर निशाना साधा है। पठान ने कहा, "देश संविधान से चलेगा, बुलडोजर राजनीति से नहीं। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि किसी के घर पर बुलडोजर नहीं चलाया जा सकता। यह एकतरफा और अन्यायपूर्ण कार्रवाई है।"
उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की और पुलिस से निष्पक्ष जांच की अपील करते हुए लोगों से शांति बनाए रखने को कहा।
एआईएमआईएम नेता ने कहा, "बुलडोजर कार्रवाई असंवैधानिक है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसी के यहां भी जाकर बुलडोजर नहीं चलाया जा सकता। कानून का पालन होना चाहिए। यह देश बुलडोजर राजनीति से नहीं चलेगा, देश संविधान से चलेगा...मैं लोगों से भी अपील करता हूं कि वो संयम बरतें। मैं पुलिस-प्रशासन से अनुरोध करता हूं कि वो निष्पक्ष कार्रवाई करें। हम चाहते हैं कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इसमें हस्तक्षेप करें। पुलिस एकतरफा कार्रवाई कर रही है। बीजेपी नेता को जाने दिया जा रहा और वो वहां जाकर लोगों को भड़का रहे है। उन्हें पुलिस नहीं रोक रही है। हम नहीं चाहते कि दंगा हो। जो भी उस हिंसा में शामिल हैं, उनके खिलाफ निष्पक्ष तरीके से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।"
घटना के बाद संतोष नगर और आसपास के क्षेत्रों में तनाव का माहौल है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल और दंगा नियंत्रण पुलिस को तैनात किया गया है। वरिष्ठ अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। प्रशासन ने नागरिकों से सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की अफवाह न फैलाने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।