मुंबई

‘देश को तिलचट्टे नहीं, तितलियां चाहिए’, रांची में छात्रों के प्रदर्शन पर आनंद दुबे का अभिजीत दिपके पर निशाना

Ranchi Student Protest: शिवसेना (यूबीटी) नेता आनंद दुबे ने रांची में पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन किया और देवेंद्र नाथ महतो की प्रशंसा की। उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) पर निशाना साधते हुए कहा कि देश को तिलचट्टे नहीं, तितलियां चाहिए।
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Aug 11, 2026
Abhijeet Dipke
अभिजीत दिपके। फाइल फोटो- आईएएनएस

मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) नेता आनंद दुबे ने झारखंड के रांची में पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे देवेंद्र नाथ महतो की प्रशंसा की। साथ ही उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) को तिलचट्टा बताते हुए निशाना साधा। मुंबई में आनंद दुबे ने कहा कि देश को भलीभांति मालूम है कि तिलचट्टों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की आड़ में क्या किया था। पुलिस और मीडियाकर्मियों पर हमला कोई भूला नहीं है। वहीं दूसरी ओर रांची में छात्रों का प्रदर्शन शांतिपूर्ण है। देश को तिलचट्टे नहीं, तितलियां चाहिए। देश को छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो जैसे लोगों की जरूरत है।

'सरकार को बात सुननी चाहिए '

उन्होंने कहा कि चाहे रांची में विरोध प्रदर्शन हो या जंतर-मंतर पर, छात्रों की ओर से जो मुद्दे उठाए जा रहे हैं, वे जायज हैं। सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए और प्रदर्शनकारियों से बातचीत करनी चाहिए। जहां तक सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके की बात है कि वे किसका समर्थन करेंगे, तो क्या वे किसी बड़े लोकतांत्रिक पद पर बैठे हैं, जिनके समर्थन से यह तय होगा कि कोई काम होगा या नहीं? वह एक आम कार्यकर्ता हैं और हम भी आम कार्यकर्ता हैं। जो सही है, वह सही है।

'तिलचट्टे और तितली में अंतर'

उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की आड़ में क्या हुआ, कोई भूला नहीं है। भारत के टुकड़े-टुकड़े गैंग ने वहां कैसे नारे लगाए, यह भी सबको याद है। मैं समझता हूं कि तिलचट्टे और तितली में अंतर होता है। देश को तिलचट्टे नहीं, तितली चाहिए। रांची के विरोध प्रदर्शन में मीडियाकर्मियों को पीटा नहीं गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की गई। छात्रों की ओर से किसी भी तरह की हिंसा नहीं की गई है।

वंदे मातरम पर भी बोले

'वंदे मातरम' को लेकर आनंद दुबे ने कहा कि इससे जुड़ा बिल संसद के दोनों सदनों से पहले ही पास हो चुका है। अब एक नया कानून बन गया है, जिसके तहत हम बिना किसी रोक-टोक के आजादी से 'वंदे मातरम' गा सकते हैं। हम तो इसे पहले से ही गाते आ रहे हैं। अगर स्वतंत्रता दिवस के दिन प्रधानमंत्री की अगुवाई में लाल किले से 'वंदे मातरम' गाया जाने वाला है, तो यह बहुत खुशी और गर्व की बात होगी।

'अमित शाह और नेता राहुल गांधी से अपील'

संसद के मानसून सत्र का जिक्र करते हुए उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और नेता विपक्ष राहुल गांधी से अपील की है कि वे बाकी बचे दिनों में सदन की कार्यवाही चलाएं। उन्होंने कहा कि संसद का सत्र 20 जुलाई को शुरू हुआ था और अब सत्र दो-तीन दिन में खत्म हो जाएगा। बार-बार सदन की कार्यवाही बाधित होने से लोगों के हितों से जुड़े मुद्दे नहीं उठे। कई सांसद ऐसे हैं, जो पहली बार राज्यसभा में आए हैं और कई ऐसे हैं, जिन्हें लोकसभा में बोलने का मौका नहीं मिला है। कई सांसदों की दिल की बात दिल में रह गई है। बचे हुए दिनों में गृह मंत्री और राहुल गांधी को सदन चलाना चाहिए, जिससे करोड़ों लोगों को फायदा हो सके।

Updated on:
11 Aug 2026 09:32 pm
Published on:
11 Aug 2026 09:29 pm