
अभिजीत दिपके और मोहन भागवत। फाइल फोटो- पत्रिका
छत्रपति संभाजीनगर। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने मुंबई में मोहन भागवत के जेन जी और जेन अल्फा से बातचीत का समर्थन किया। इसके साथ ही चिंता जताई कि भाजपा के लोग मोहन भागवत की बात नहीं सुन रहे हैं। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की जेन जी और जेन अल्फा के छात्रों के साथ बातचीत पर अभिजीत दिपके ने मीडिया से कहा कि बातचीत के दौरान मोहन भागवत का सबसे अहम बयान यह था कि जेन जी और युवाओं को देश-विरोधी नहीं कहा जाना चाहिए। जो लोग विरोध कर रहे हैं, उन्हें ऐसा करने का अधिकार है और उनके मुद्दे जायज हैं।
उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि भाजपा के लोग भी मोहन भागवत की बात सुनें। जब हम आंदोलन कर रहे थे तो भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने हमें वायरस कहा था। इसी तरह धर्मेंद्र प्रधान ने हमें आतंकवादियों की बी टीम कहा था। मुझे लगता है कि इन लोगों को मोहन भागवत की बात सुननी चाहिए। मोहन भागवत भाजपा के मेंटर और गॉडफादर हैं। अपने ही मेंटर की बात भाजपा वाले नहीं मान रहे हैं, जो चिंताजनक है। ऐसे में लगता है कि आरएसएस और भाजपा में आपसी तालमेल नहीं है। भाजपा वाले अगर मोहन भागवत की बात मानेंगे तो अच्छा होगा।
वायरल वीडियो की जांच को लेकर अभिजीत दिपके ने कहा कि जब फेक वीडियो की बात आती है, तो मेरा मानना है कि अगर जांच की जाए, तो ज्यादातर फेक वीडियो आईटी सेल से जुड़े पाए जाएंगे। उन्होंने मेरे कई एआई-जनरेटेड वीडियो बनाए हैं। इसलिए निश्चित रूप से जांच होनी चाहिए और इससे पता चलेगा कि ज्यादातर फेक वीडियो आईटी सेल ने ही बनाए थे। अभिजीत दिपके ने कहा कि जंतर-मंतर पर हुए विरोध-प्रदर्शन के बाद एक बात साफ हो गई है। जब इस देश के नागरिक अपनी विचारधाराओं और राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर एकजुट होते हैं, तो वे सरकार पर दबाव बना सकते हैं। हम आगे भी ऐसा ही करेंगे और आम मुद्दों पर सभी को एकजुट करने की कोशिश करेंगे।
झारखंड में जेपीएससी छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर दिपके ने कहा कि हमारी टीम वहां गई है, हमारा प्रतिनिधिमंडल वहां मौजूद है और हमारे लोग लगातार उनके साथ काम कर रहे हैं। हम यह कहना चाहते हैं कि छात्र जहां भी विरोध कर रहे हैं, वे इसे एक बड़े जन-आंदोलन में भी बदल सकते हैं और ऐसा ही होना चाहिए। झारखंड में विरोध करने वाले युवाओं और उनकी मांगों का हम समर्थन करते हैं। कॉकरोच जनता पार्टी इस आंदोलन को मजबूत करने के लिए हर संभव मदद करेगी।
घर के बाहर युवाओं का धरना और पुलिस में शिकायत पर अभिजीत दिपके ने कहा कि जो लोग मेरे घर के बाहर धरने पर बैठे थे, उनसे हमारी टीम 2 दिन से लगातार बात कर रही थी। उनकी भी जो बातें और सुझाव हमने सुने। हालांकि कोर कमेटी की बैठक सार्वजनिक नहीं होती। धरना दे रहे लोगों को हमने आश्वासन दिया था कि अगली बैठक में बुलाएंगे। अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर आंदोलन के दौरान जो भी नुकसान हुआ था, वह दिल्ली पुलिस ने किया था। इसलिए नुकसान की भरपाई दिल्ली पुलिस से की जानी चाहिए।
Updated on:
07 Aug 2026 04:59 pm
Published on:
07 Aug 2026 04:59 pm
