Ashok Kharat Case Update: ढोंगी अशोक खरात लगातार हो रही पूछताछ के चलते मानसिक दबाव में है। बताया जा रहा है कि उसने जांच अधिकारियों से कहा कि, “मैं यहां से बाहर नहीं निकल पाऊंगा, मेरा अंत यहीं होगा।”
महाराष्ट्र के नासिक के चर्चित ढोंगी बाबा अशोक खरात से जुड़े मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। महिलाओं के साथ यौन शोषण और धोखाधड़ी के आरोपों में घिरे खरात को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने तीसरे केस में गिरफ्तार कर सख्ती से पूछताछ कर रही है। जांच में अब तक ऐसे सबूत सामने आए हैं, जिन्होंने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
अब तक जांच में पाखंडी खरात के खिलाफ करीब 160 जीबी डिजिटल सबूत जुटाए गए हैं। इसके अलावा तीन पेनड्राइव भी एसआईटी के कब्जे में हैं, जिनमें कई अहम जानकारी होने की आशंका है। इन्हीं सबूतों के आधार पर मामले की गहराई से जांच की जा रही है।
अशोक खरात के खिलाफ महाराष्ट्र में अब तक कुल 14 मामले दर्ज हो चुके हैं। जिनमें महिलाओं के साथ यौन शोषण के 8 मामले, फिरौती, अवैध वसूली और धोखाधड़ी के 5 मामले शामिल हैं। जबकि एक धमकी देने का मामला भी खरात के खिलाफ दर्ज है।
इन मामलों में अब जांच तेज कर दी गई है और कई अहम पहलुओं की पड़ताल जारी है। इस बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी शिकंजा कसते हुए खरात के तीन बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है।
मामले में खरात की पत्नी कल्पना भी जांच के घेरे में है, जो फिलहाल फरार बताई जा रही है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।
अशोक खरात के चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) ललित पोफले ने भी उसके खिलाफ करीब 8 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की लिखित शिकायत दी है।
इस बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कार्रवाई करते हुए खरात के तीन बैंक खाते फ्रीज कर दिए हैं, उसके आर्थिक लेन-देन की गहन जांच की जा रही है।
पुलिस की कड़ी पूछताछ के सामने अशोक खरात टूटता नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि एसआईटी की रोज होने वाली पूछताछ ने खरात को मानसिक रूप से इतना तोड़ दिया है कि उसने जांच अधिकारियों के सामने यहां तक कह दिया, "मुझे नहीं लगता कि मैं यहां से बाहर निकल पाऊंगा, मेरा मरना यहीं लिखा है।"
हालांकि उसने अभी तक सभी आरोपों को स्पष्ट रूप से स्वीकार नहीं किया है, लेकिन कुछ अहम जानकारियां पुलिस को दी हैं।
इस केस में एक और नया मोड़ तब आया जब सामाजिक कार्यकर्ता अंजली दमानिया ने दावा किया कि अशोक खरात के मोबाइल पर 'शिजुका' और 'नॉडी' नाम से अनगिनत कॉल आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस नाम के जरिए असली पहचान छुपाई गई और इसके पीछे बड़े लोगों का हाथ हो सकता है।
अंजली दमानिया ने इस मामले में कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं। उन्होंने खरात के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) का हवाला देते हुए राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रूपाली चाकणकर के साथ कथित तौर पर 177 से अधिक फोन कॉल होने का मुद्दा भी फिर से उठाया है।
फिलहाल जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। सबकी नजरें एसआईटी और ईडी की जांच पर टिकी है, जिससे जल्द ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस मामले में और किन लोगों की भूमिका है और इसके पीछे कितनी बड़ी साजिश छिपी है।