प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कई महिलाओं के यौन शोषण के आरोप में जेल में बंद स्वयंभू बाबा अशोक खरात के खिलाफ सोमवार को बड़ी कार्रवाई की। ईडी ने खरात के कई ठिकानों पर छापेमारी की है। हाल ही में उसके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया गया। उसकी करोड़ों की संपत्ति ईडी की रडार […]
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कई महिलाओं के यौन शोषण के आरोप में जेल में बंद स्वयंभू बाबा अशोक खरात के खिलाफ सोमवार को बड़ी कार्रवाई की। ईडी ने खरात के कई ठिकानों पर छापेमारी की है। हाल ही में उसके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया गया। उसकी करोड़ों की संपत्ति ईडी की रडार पर है। ईडी ने खरात के कई बैंक खातों को पहले ही फ्रीज कर दिया है।
मिली जानकारी के मुताबिक, पाखंडी अशोक खरात के घर, ऑफिस, फार्म हाउस, नासिक के मिरगांव स्थित ईशान्येश्वर मंदिर समेत अन्य संपत्तियों पर ईडी की टीमें पहुंची है और छानबीन चल रही है। हालांकि, इस छापेमारी के दौरान ईडी के हाथ क्या-क्या दस्तावेज या सामान लगा है, इसके बारे में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। अधिकारियों द्वारा जांच जारी होने की बात कही जा रही है।
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संघीय एजेंसी के मुंबई क्षेत्रीय कार्यालय में धन शोधन रोकथाम अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत पिछले हफ्ते अशोक खरात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। यह मामला खरात के खिलाफ महाराष्ट्र पुलिस द्वारा दर्ज की गईं कई प्राथमिकियों का संज्ञान लेकर किया गया। जिसके बाद खरात के तीन बैंक खातों को फ्रीज कर दिया हैं और उसके आर्थिक लेन-देन की गहन जांच शुरू की गई।
अशोक खरात के खिलाफ नासिक, शिर्डी, वावी और सरकारवाड़ा समेत कई पुलिस थानों में अब तक कुल 14 मामले दर्ज हो चुके हैं। जिनमें महिलाओं के साथ यौन शोषण के 8 मामले, फिरौती, अवैध वसूली और धोखाधड़ी के 5 मामले शामिल हैं। जबकि एक धमकी देने का मामला भी उसके खिलाफ दर्ज है। इसके अलावा उस पर महाराष्ट्र के ‘मानव बलि और अन्य अमानवीय, अघोरी प्रथाओं व काला जादू निषेध अधिनियम 2013’ की धाराओं के तहत भी केस दर्ज हैं।
ईडी ने इन्हीं एफआईआर का संज्ञान लेते हुए अब मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू की है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि खरात ने लोगों को किस तरह से अपने जाल में फंसाया और उनसे पैसे और संपत्ति कैसे हासिल की। फिर उस अवैध कमाई को किन तरीकों से वैध बनाने की कोशिश की गई। जांच में यह भी देखा जाएगा कि इस पूरे नेटवर्क में खरात के साथ कौन-कौन लोग शामिल थे।
इनमें से कुछ मामलों में अशोक खरात की पत्नी कल्पना भी जांच के घेरे में है, जो फिलहाल फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।
अशोक खरात के चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) ललित पोफले ने भी उसके खिलाफ करीब 8 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की लिखित शिकायत दी है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अशोक खरात ने कथित तौर पर 2021-22 के दौरान 130 से अधिक फर्जी बैंक खाते खुलवाए थे। ये खाते अलग-अलग लोगों के नाम पर खोले गए थे और इनके जरिए करोड़ों रुपए के लेन-देन किए जाते थे।
अधिकारियों ने बताया कि इन खातों का संचालन समता क्रेडिट संस्थान और जगदंबा क्रेडिट संस्थान जैसे वित्तीय संस्थानों के माध्यम से किया जाता था।
एक और चौंकाने वाली बात यह पता चली कि इन सभी खातों में अशोक खरात खुद नॉमिनी था। इन खातों के जरिए एक ही दिन में लाखों रुपए तक का लेन-देन होता था। अब तक इस नेटवर्क के जरिए 50 करोड़ रुपए से अधिक का लेनदेन होने का अनुमान है।