मुंबई

IAS तुकाराम मुंडे ने 29 FDA अधिकारियों को दी चेतावनी, कहा- काम नहीं सही लग रहा तो इस्तीफा देकर घर जाओ

IAS Tukaram Mundhe FDA Action: महाराष्ट्र एफडीए के आयुक्त तुकाराम मुंडे ने उनके खिलाफ शिकायत करने वाले 29 कर्मचारियों को कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि सरकारी नियमों के अनुसार अगर काम नहीं करना है तो इस्तीफा दे सकते हैं।
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Aug 06, 2026
IAS Tukaram Mundhe Maharashtra
FDA कमिश्नर आईएएस तुकाराम मुंढे (Photo: X/@KalamCenter)

IAS Tukaram Mundhe: महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त और वरिष्ठ IAS अधिकारी तुकाराम मुंडे ने उनके खिलाफ शिकायत करने वाले 29 अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर किसी को सरकार के नियमों के अनुसार काम नहीं करना है तो वह इस्तीफा देकर जा सकता है। बता दें कि महाराष्ट्र एफडीए ने 25 मई से 31 जुलाई तक 3,137 होटलों, रेस्तरां, ढाबों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया तथा 55.72 करोड़ रुपये के असुरक्षित खाद्य पदार्थों को जब्त या नष्ट किया। एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंडे ने बताया कि कार्रवाई के दौरान एडीएफ ने 165 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए।

29 कर्मचारियों ने मंत्री से की थी शिकायत

दरअसल, छत्रपति संभाजीनगर स्थित एफडीए प्रयोगशाला के 29 अधिकारियों और कर्मचारियों ने खाद्य एवं औषध प्रशासन मंत्री नरहरि झिरवाल को ज्ञापन सौंपकर तुकाराम मुंडे की कार्यशैली पर आपत्ति जताई थी।  

15 जुलाई को दिए गए इस ज्ञापन में कर्मचारियों ने आरोप लगाया था कि उन्हें दो शिफ्टों में काम कराया जा रहा है, शनिवार-रविवार और सार्वजनिक अवकाश के दिनों में भी ड्यूटी लगाने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही रिक्त पदों के कारण काम का बोझ बढ़ गया है, जिससे प्रयोगशाला में नमूनों की जांच की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है।

'लैब कोई सामान्य सरकारी कार्यालय नहीं है'

शिकायतों पर प्रतिक्रिया देते हुए IAS तुकाराम मुंडे ने कहा कि कर्मचारियों की पहली मांग यह है कि उन्हें अन्य सरकारी कार्यालयों की तरह सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक का निश्चित समय दिया जाए, लेकिन यह संभव नहीं है।

उन्होंने कहा कि प्रयोगशाला कोई सामान्य सरकारी कार्यालय नहीं, बल्कि 24 घंटे चलने वाली सेवा है। इसलिए वहां शिफ्ट प्रणाली लागू करना आवश्यक है।

मुंडे ने स्पष्ट किया कि इसका मतलब यह नहीं है कि कर्मचारियों से 24 घंटे काम कराया जाता है। हर कर्मचारी से केवल 8 घंटे की ड्यूटी ली जाती है और यह ड्यूटी शिफ्ट के आधार पर होती है। दिन में एक ही बार एक शिफ्ट में काम करवाया जा रहा है।

FDA आयुक्त ने कहा कि किसी भी कर्मचारी से सप्ताह में 48 घंटे से अधिक काम नहीं कराया जाता, जो अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के मानकों के अनुरूप है। सभी कर्मचारियों को सप्ताह में एक दिन का अवकाश भी दिया जाता है। उन्होंने बताया कि फिलहाल प्रयोगशाला में दो शिफ्टों में छह दिन काम हो रहा है।

'सरकारी नियमों के मुताबिक काम करना होगा'

तुकाराम मुंडे ने कहा कि कर्मचारियों की यह मांग कि उन्हें केवल 10 से 6 की ड्यूटी दी जाए, स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा, "अगर किसी को शासन के नियमों के अनुसार काम नहीं करना है, तो वह इस्तीफा देकर जा सकता है। वे इस्तीफा देने के लिए स्वतंत्र हैं।" मुंडे के इस बयान के बाद एफडीए में कार्यप्रणाली और कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों को लेकर शुरू हुआ विवाद अब और गहरा सकता है।

Updated on:
06 Aug 2026 02:31 pm
Published on:
06 Aug 2026 02:22 pm
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