महिला एवं बाल विकास मंत्री यशोमति ठाकुर ने दिया विवादित बयान वाशिम जिले में जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मुंबई. महज दो दिन पहले कैबिनेट मंत्री का पदभार ग्रहण करने वाली महिला एवं बाल विकास मंत्री यशोमति ठाकुर के विवादित बयान ने महाराष्ट्र सरकार को मुसीबत में डाल दिया है। ठाकुर ने वाशिम जिले में सार्वजनिक मंच से कहा कि अभी-अभी हमने मंत्री पद की शपथ ली है और हमारी जेबें गरम नहीं हुई हैं। जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव के लिए ठाकुर कांग्रेस प्रत्याशी का प्रचार करने के लिए कामरगांव पहुंचीं। मंच पर कैबिनेट मंत्री आईं तो आमजन को बताने लगीं कि वोट कैसे मिलता है। किस तरह से पैसे बांटे जाते हैं।
उन्होंने सभा में आए लोगों को सलाह दी कि हमारे विरोधियों को पास पैसे बहुत हैं। वे आपके पास पैसे लेकर पहुंचेगे, पर आप घर आई लक्ष्मी को लौटाना नहीं। उनकी जेबें खाली करनी हैं और वोट कांग्रेस को देना है। हम तो अभी नए-नए मंत्री बने हैं और हमारी जेबें गरम नहीं हुई हैं। ठाकुर का यह बयान महाराष्ट्र की राजनीति में विवाद का मुद्दा बन गया है। यशोमति ठाकुर कांग्रेस पार्टी से मंत्री बनी हैं और अमरावती की तिवसा सीट से विधायक हैं। सभा के दौरान मंच पर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष माणिकराव ठाकरे भी मौजूद थे।
मंत्री के बयान पर क्षेत्र के लोगों ने कहा कि नई सरकार के मंत्रियों को जो करना है उन्होंने अपनी मंशा को जाहिर कर दिया है। वहीं कांग्रेस के बागी नेता संजय निरूपम ने ट्वीट और वीडियो शेयर करके लिखा कि ये हमारी नई मंत्री हैं, कह रही हैं अभी शपथ ली हैं, जेब गरम होना बाकी है। ऐसी बातें करके ये लोग अपने साथ पार्टी को बदनाम कर रहे हैं। क्या इसी दिन के लिए सबने सरकार बनाने के लिए पार्टी पर दबाव डाला था?
मेरे बयान को तोड़-मरोड़ कर किया पेश
बयान पर विवाद बढ़ने पर ठाकुर ने सफाई दी कि उनकी बातों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि मेरे कहने का मंतव्य मौजूदा केंद्र सरकार और पहले की राज्य सरकार पर था, जिनकी जेबें गर्म हैं, जबकि हमारे पास पैसे नहीं हैं। इसी बात को गलत तरीके से प्रचारित किया जा रहा है।
भाजपा ने की शिकायत
मंत्री के बयान का वीडियो सामने आने के बाद भाजपा नेता किरीट सोमैया ने प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से इसकी शिकायत की। उन्होंने कहा कि यशोमति ठाकुर ने प्रलोभन देकर मतदाताओं को अपने पक्ष में करने का प्रयास किया है। उनसे वोटों के बदले में नकदी स्वीकार करने के लिए कहा है।