
Nashik Solapur Dry Day Dates: महाराष्ट्र में विधान परिषद चुनाव (MLC) को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। 18 जून को होने वाले मतदान और 22 जून को होने वाली मतगणना के मद्देनजर प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस बीच, चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और भयमुक्त माहौल में संपन्न कराने के लिए नासिक और सोलापुर जिलों में शराब बिक्री पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है।
नासिक विधान परिषद चुनाव के प्रचार अभियान ने अंतिम चरण में प्रवेश कर लिया है। ऐसे में जिला प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और मतदान प्रक्रिया को प्रभावित होने से बचाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 16 जून को शाम 4 बजे से 18 जून को मतदान प्रक्रिया समाप्त होने तक जिले में शराब बिक्री पूरी तरह बंद रहेगी। इसके अलावा 22 जून को मतगणना के दिन भी पूरे जिले में सभी प्रकार की शराब दुकानों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
नासिक विधान परिषद निर्वाचन क्षेत्र में कुल 623 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। निर्वाचक मंडल में नगर पंचायतों, नगर परिषदों, नगर निगमों और जिला परिषदों के सदस्य शामिल हैं। प्रशासन का मानना है कि चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या प्रभाव को रोकने के लिए यह फैसला जरूरी है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध के बावजूद शराब की बिक्री, वितरण या भंडारण करते पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, महाराष्ट्र मद्यनिषेध अधिनियम की धारा 54 और 58 के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। साथ ही राज्य के उत्पाद शुल्क विभाग को भी विशेष निगरानी रखने और नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
दूसरी ओर, सोलापुर जिले में भी विधान परिषद स्थानीय स्वराज्य संस्था निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को देखते हुए शराब बिक्री पर रोक लगाने का आदेश जारी किया गया है।
जिलाधिकारी एवं जिला दंडाधिकारी एस. कार्तिकेयन ने संबंधित क्षेत्रों में चार दिनों तक शराब बिक्री बंद रखने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।
महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव के लिए 18 जून को मतदान होगा, जबकि 22 जून को मतों की गिनती की जाएगी। चुनाव के मद्देनजर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि, मतदाताओं को प्रभावित करने के प्रयास या कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्या को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
चुनाव के महत्वपूर्ण चरण में शराब बिक्री पर रोक को प्रशासन की एहतियाती रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है, ताकि मतदान पूरी तरह पारदर्शी और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके।