सत्ता ( Ruling Party ) और विपक्ष ( Opposition ) इन दोनों के बीच हुई झड़प ( Scuffle ) की वजह से विधानसभा में भी जमकर हंगामा हुआ और हंगामे के बीच ही सत्ता पक्ष ने दो विधेयक पास कराए। इसके बाद सदन की कार्यवाही को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया गया। विधानसभा अध्यक्ष ( Speaker ) अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने ही सदन की गरिमा को ताक पर रखा, इन्हें समय पर सीख दी जाएगी।
मुंबई. नागपुर में विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन किसानों के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जम कर हाथा पाई हुई। विपक्ष और सत्ता अपक्ष के विधायक एक दूसरे से भीड़ गए, बात की शुरुआत आरोप-प्रत्यारोप से हुई, लेकिन बाद में दोनों के बीच तनाव इस कदर बढ़ा कि धक्का-मुक्की शुरू हो गई। हालांकि दलों के वरिष्ठ नेताओं ने मामले को शांत कराया, लेकिन हंगामा बढऩे की आशंका को देखते हुए सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए Patrika .com/jaipur-news/interviews-postponed-1902875/" target="_blank">स्थगित कर दी गई।
सदन के बाहर भाजपा के विधायकोंने शिवसेना के मुखपत्र दैनिक सामना में छपे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के आश्वासन के खबरों का पोस्टर बनाकर प्रदर्शन कर रहे थे। उस पोस्टर में उद्धव ठाकरे के बड़े-बड़े बयान शामिल थे। जिसे लेकर शिवसेना विधायकों में काफी नाराजगी थी, वे इसका कड़ा विरोध कर रहे थे। इस गंभीर मुद्दे को देखते हुए विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ।
बुलढाणा से शिवसेना के विधायक संजय गायकवाड और लातूर से भाजपा के विधायक अभिमन्यु पावर इन दोनों के बीच अचानक धक्का-मुक्की शुरू हो गई। भाजपा के विधायक किसान मुद्दे पर 25 हजार रुपए प्रति एकड़ नुकसान भरपाई देने की मांग कर रहे थे। इस बीच दोनों नेता आपस में उलझ गए, दोनों के समर्थक भी आपस में तन गए। मौके पर उपस्थित आशीष शेलार और गिरीश महाजन ने भाजपा विधायकों को और जयंत पाटील और जितेंद्र आव्हाड ने शिवसेना के नेताओं को समझाने का प्रयास किया।
इन दोनों के बीच हुई झड़प की वजह से विधानसभा में भी जमकर हंगामा हुआ और हंगामे के बीच ही सत्ता पक्ष ने दो विधेयक पास कराए। इसके बाद सदन की कार्यवाही को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया गया। विधानसभा अध्यक्ष अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने ही सदन की गरिमा को ताक पर रखा, इन्हें समय पर सीख दी जाएगी।
संजय गायकवाड ने कहा कि विपक्ष का रवैया उचित नहीं है। सिर्फ हंगामा करना ही विपक्ष का एकमात्र मकसद नहीं होना चाहिए, सदन नहीं चलने देना भी एक शरारत है। उधर अभिमन्यु पवार ने कहा कि भाजपा के विधायक जो पोस्टर बैनर लेकर सरकार से न्याय की मांग कर रहे थे, उस बैनर को खींचकर फाडऩे का शिवसेना विधायक ने प्रयास किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने वादा किया था कि किसानों को न्याय दे देगी, लेकिन अब तक ऐसी कोई भी घोषणा नहीं की गई है, जिससे किसानों को राहत मिले।